'स्लमडॉग के बारे में राय मेरी नहीं थी'

बॉलीवुड स्टार का कहना है कि उनके ब्लॉग पर इस फ़िल्म की यह कहते हुए आलोचना की गई थी कि वह 'भारत को तीसरी दुनिया के एक गंदे देश के रूप में दर्शाती है', लेकिन ये उनके अपने नहीं, बल्कि दूसरों के विचार थे.
बच्चन का कहना है कि उन्होंने लोगों की टिप्पणियों को प्रकाशित किया लेकिन उनके साथ ये नहीं लिखा कि वे किसके विचार हैं, उनका कहना है कि उनका इरादा एक बहस छेड़ने का था.
वे कहते हैं कि वे इस बात से परेशान हैं कि इन टिप्पणियों को उनकी राय समझ लिया गया है.
'स्लमडॉग मिलियनेयर' मुंबई के एक लड़के की कहानी है जो रियलिटी शो में बड़ा इनाम जीतता है, इस फ़िल्म को पश्चिमी दुनिया में बहुत सराहा गया है और फ़िल्म ने हाल ही में चार ग्लोडन ग्लोब अवार्ड जीते हैं.
'स्लमडॉग मिलियनेयर' भारतीय कूटनयिक और लेखक विकास स्वरूप के उपन्यास 'क्यू एंड ए' पर आधारित है, ब्रितानी निर्देशक डैनी ब्यॉल की इस फ़िल्म को ऑस्कर की दौड़ में भी आगे बताया जा रहा है.
यह अपने आप में कितना बड़ा मज़ाक बन गया है, मेरे ब्लॉग को पढ़े बिना, स्लमडॉग के उल्लेख के उद्देश्य को समझे बिना लोग मुझे बुरा-भला कह रहे हैं अमिताभ बच्चन
| यह अपने आप में कितना बड़ा मज़ाक बन गया है, मेरे ब्लॉग को पढ़े बिना, स्लमडॉग के उल्लेख के उद्देश्य को समझे बिना लोग मुझे बुरा-भला कह रहे हैं |
बिग बी ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, "यह अपने आप में कितना बड़ा मज़ाक बन गया है, मेरे ब्लॉग को पढ़े बिना, स्लमडॉग के उल्लेख के उद्देश्य को समझे बिना लोग मुझे बुरा-भला कह रहे हैं."
उन्होंने कहा, "सच ये है कि किसी ने इस फ़िल्म का ज़िक्र किया, कुछ लोगों ने इसके पक्ष में अपनी राय दी, कुछ लोगों ने इसके ख़िलाफ़ लिखा. मैंने लोगों की राय अपने ब्लॉग पर डाल दी और बहस की शुरूआत की."
बच्चन का कहना है कि मीडिया ने फ़िल्म की अच्छाई और बुराई पर दूसरों की राय को उनकी राय बता दिया.
उन्होंने अपने ब्लॉग पर लिखा, "मैंने जो कुछ नहीं कहा उसे मेरी राय बताकर मेरी आलोचना की गई और अब मीडिया ने मेरी अपनी राय व्यक्त करने की स्थिति नहीं छोड़ी है, अगर फ़िल्म मुझे पसंद नहीं आई तो भी आलोचना होगी, अगर पसंद आएगी तो भी."
इस समय अमिताभ बच्चन पेरिस में हैं जहाँ उनकी तीन फ़िल्मों का विशेष प्रदर्शन हो रहा है.


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