अमिताभ 'स्लमडॉग मिलियनेयर' से नाख़ुश

अमिताभ का कहना है कि इस फ़िल्म में भारत की तस्वीर 'तीसरी दुनिया के ऐसे विकासशील देश की दिखाई गई है जिसमें कई बुराइयाँ मौजूद हैं.'
'स्लमडॉग मिलियनेयर' मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फ़िल्म है. ये लेखक विकास स्वरूप के उपन्यास पर आधारित है और इसे ब्रितानी निर्देशक डैनी बॉयल ने बनाया है.
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, "स्लमडॉग मिलियनेयर भारत को तीसरी दुनिया के गंदे देश के रुप में पेश करता है जिससे यदि राष्ट्रवादियों और देशभक्तों को तकलीफ़ पहुँचती है तो मैं बता दूं कि ये सभी चीज़े विकसित देशों में भी मौजूद हैं."
अमिताभ की आपत्ति
स्लमडॉग मिलियनेयर भारत को तीसरी दुनिया के गंदे देश के रुप में पेश करता है जिससे यदि राष्ट्रवादियों और देशभक्तों को तकलीफ़ पहुँचती है तो मैं बता दूं कि ये सभी चीज़े विकसित देशों में भी मौजूद है अमिताभ बच्चन
| स्लमडॉग मिलियनेयर भारत को तीसरी दुनिया के गंदे देश के रुप में पेश करता है जिससे यदि राष्ट्रवादियों और देशभक्तों को तकलीफ़ पहुँचती है तो मैं बता दूं कि ये सभी चीज़े विकसित देशों में भी मौजूद है |
वो आगे लिखते हैं," यह महज़ इत्तेफ़ाक़ है कि स्लमडॉग मिलियनेयर एक भारतीय लेखक की कल्पना है, जिसे पश्चिमी निर्माता ने फ़िल्म में ढाला है, तभी इसे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार मिला है. अगर कोई और होता तो शायद नहीं मिलता."
ग़ौरतलब है कि 'स्लमडॉग मिलियनेयर' को गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, संगीत और पटकथा की श्रेणी में अवार्ड मिले हैं.
फ़िल्म की पटकथा 'कौन बनेगा करोड़पति' टीवी कार्यक्रम के ज़रिए झुग्गियों में रहने वाले एक बालक के अमीर बनने की कहानी है.
अमिताभ बच्चन 'हू वांट्स टु बी ए मिलियनेयर' के भारतीय संस्करण 'कौन बनेगा करोड़पति' का संचालन कर चुके हैं. 'स्लमडॉग मिलियनेयर' अगले सप्ताह भारत में रिलीज़ की जाने वाली है.


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