अमिताभ को याद आए कलकत्ता के दिन

अमिताभ ने लिखा, आज के समय में कलकत्ता काफी बदल गया है। अंग्रेजी शासन काल में कोलकाता देश की पहली राजधानी थी, जो पूरी तरह ईसाई संस्कृति में रंगी हुई थी। एंग्लो इंडियंस समुदाय के लोगों की बड़ी आबादी कोलकाता में रहा करती थी और धूमधाम से क्रिसमस मनाती थी।
आगे अपनी बात कही कि जब मैं इस शहर में आया था तब यहां का वातावरण लाजवाब था। यहां के क्लब, भोजनालयों और होटलों की स्थिति भी काफी अच्छी थी।
उस वक्त मैं सिर्फ 500 रूपए महीने के वेतन पर गुजारा चलाया लेकिन एक पल के लिए भी मुझे अपने वेतन का अपसोस नहीं हुआ। आगे अमिताभ नें यह भी लिखा है कि उन्हें आज कल के गाने जरा भी पसंद नहीं आते, एक बार सुनों फिर बोल ही पुराने हो जाते हैं।


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