बिग बी से असहमत हुए फिल्म निर्माता

फिल्म धर्म बनाने वाली निर्माता भावना तलवार का इस बारे में कहना है, '' कोई भी फिल्म, फिल्म निर्माता के दृष्टिकोण और संवेदना का हिस्सा होता है न कि राष्ट्रीयता का। कोई भी फिल्म जो मनुष्य के दर्द को बयां करते हुए दर्शकों तक पहुंचती है तो वह दर्शकों द्धारा सराही जाती है। मानवीय संवेदनाएं सार्वभौमिक होती है, चाहे वो भारतीय हो या पश्चिमी। ''
वहीं प्रतिष्ठित फिल्मकार शेखर कपूर ने भी कुछ इस तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा, '' चलो इसे ऐसे माने कि स्लमडॉग मिलीनयर एक भारतीय फिल्म है और यह अब तक कि सबसे सफल फिल्मों मे से है पर यदि इसके निर्माण के लिए पैसा बाहर से आया हो तब, जैसे की फिल्म बैंडिट क्वीन के लिए पैसा बाहर से आया था लेकिन फिल्म को भारतीय माना गया। उसी तरह फिल्म चांदनी चौक टू चाइना के लिए वार्नर ब्रदरस ने पैसा लगाया है और वह भी एक भारतीय फिल्म है। स्लमडॉग में निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक को छोड़कर बाकी सभी लोग भारतीय है। यही नही फिल्म भी एक भारतीय लेखक की किताब पर आधारित है। ''
गौरतलब हो कि अमिताभ ने इस फिल्म पर नाराज होते हुए अपने ब्लाग पर लिखा था कि फिल्म में भारत को तीसरे देशों के भूखे नंगे देश के रूप मे पेश किया गया है जो कि एक पश्चिमी मानसिकता से ग्रसित व्यक्ति के दृष्टिकोण को दिखाती है।
वहीं किताब के लेखक विकास स्वरूप का भी कहना है कि फिल्म में भारतीय गरीबी को नहीं दर्शाया गया है। इसके अलावा बालीवुड के तमाम फिल्म निर्माताओं ने अमिताभ से अपनी असहमति जताई है।


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