अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड में पूरे किए 52 साल, पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी के लिए मिले थे 5000 रूपये
अमिताभ बच्चन ने आज 7 नवंबर को अपने करियर के 52 साल पूरे किए हैं। इस मौके पर अमिताभ बच्चन ने अपनी डेब्यू फिल्म से तस्वीरें शेयर कीं। अमिताभ बच्चन ने के ए अब्बास की फिल्म सात हिंदुस्तानी के साथ अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म से अमिताभ बच्चन को एक पहचान मिली और उन्हें इंडस्ट्री में कई लोग पहचानने लगे।
भले ही सात हिंदुस्तानी फ्लॉप थी लेकिन अमिताभ बच्चन को आगे काम मिलने लगा। अमिताभ बच्चन ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा - 15 फरवरी 1969 को मैंने अपनी पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी साईन की थी जो 7 नवंबर 1969 को, आज से 52 साल पहले रिलीज़ हुई।

कौन थे सात हिंदुस्तानी?
सात हिंदुस्तानी एक मल्टीस्टारर फिल्म थी जिसमें सात एक्टर्स ने मुख्य किरदार निभाए थे। फिल्म की कहानी सात युवाओं की थी जो एक साथ मिलकर गोवा को पुर्तगाली राज से स्वतंत्र करने की ठानते हैं और इसके लिए एकजुट होकर विद्रोह करते हैं और गोवा में राष्ट्रीय भावनाएं जगाने की कोशिश करते हैं। फिल्म का बजट उस ज़माने में आठ लाख का था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही ना चली हो लेकिन अवार्ड्स के मामले में काफी मशहूर हुई।
सात हिंदुस्तानी के लिए अमिताभ बच्चन को जहां बेस्ट न्यूकमर का अवार्ड मिला वहीं फिल्म को राष्ट्रीय एकता बढ़ाने के लिए नरगिस दत्त नेशनल अवार्ड मिला। इसी के साथ कैफी आज़मी के बेस्ट गीतकार के लिए भी नेशनल अवार्ड मिला था।

कोलकाता में काम करते थे अमिताभ बच्चन
जब अमिताभ बच्चन ने ये फिल्म साईन की उससे पहले अमिताभ बच्चन कोलकाता में काम करते थे। अमिताभ बच्चन कोलकाता से फिल्म का ऑडीशन देने पहुंचे। हालांकि, उन्हें ये किरदार पहली बार में नहीं मिला। उनसे पहले टीनू आनंद इस किरदार को निभाने वाले थे। लेकिन टीनू आनंद को सत्यजीत रे से डायरेक्शन सीखना था और इसलिए टीनू आनंद ने ये फिल्म छोड़ दी और भाग्य से अमिताभ बच्चन के हाथ ये फिल्म लग गई।

ऑडीशन में क्या हुआ
जब अमिताभ बच्चन ऑडीशन देने पहुंचे तो उनका नाम सुनकर के ए अब्बास चौंक गए। अब्बास साहब ने तुरंत हरिवंश राय बच्चन को फोन लगाया और उनसे पूछा कि कहीं उनका लड़का इलाहाबाद से भागकर तो मुंबई नहीं चला आया है? जब अमिताभ बच्चन के पिता ने के एक अब्बास को ये आश्वासन दिया कि अमिताभ बच्चन घरवालों से अनुमति लेकर अपनी किस्मत आज़माने निकले हैं तो के ए अब्बास सहमत हुए और उन्होंने अमिताभ बच्चन का ऑडीशन लिया और उन्हें अनवर का किरदार दिया।

अलग मज़हब के सात किरदार
फिल्म के सातों किरदार जिस मज़हब के हैं उससे अलग मज़हब का किरदार निभाते दिखे। बंगाली एक्टर उत्पल दत्त ने एक सिख का किरदार निभाया, हिंदू होकर अमिताभ बच्चन ने एक मुस्लिम का किरदार निभाया, मलयालम एक्टर मधू ने एक बंगाली का किरदार निभाया, मुस्लिम एक्टर्स जलाल आघा और इरशाद अली ने मराठी और साउथ इंडियन किरदार निभाए वहीं फिल्म की हीरोइन शहनाज़ ने मुस्लिम होकर एक क्रिश्चियन का किरदार निभाया था। हालांकि ये कास्टिंग जानबूझकर नहीं की गई थी, बस ये किस्मत से हुआ।

5000 रूपये थी फीस
इस फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन को 5000 रूपये की फीस दी गई। ये फीस खुद टीनू आनंद ने तय करवाई थी। टीनू आनंद ने अमिताभ बच्चन की ओर से सारी डील की और बताया कि यही उनकी सैलेरी होगी चाहे ये फिल्म 1 साल में बने या फिर इसे बनने में पांच साल लग जाएं। फिल्म के दौरान अनवर अली और अमिताभ बच्चन की इतनी गहरी दोस्ती हो गई थी कि अमिताभ बच्चन, अनवर अली के घर में ही रहने लगे थे।

मिला तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट
जब अनवर अली ने अपने भाई महमूद को सात हिंदुस्तानी दिखाई तो महमूद अपने भाई को छोड़कर अमिताभ बच्चन से बहुत प्रभावित हुए। अगले दिन वो अमिताभ बच्चन से मिले और उन्हें तीन फिल्मों के लिए साईन करते हुए 501 रूपये का साईनिंग अमाउंट दे दिया। पहली फिल्म की फीस 5 हज़ार, दूसरी की सात और तीसरी की दस हज़ार तय की गई। लेकिन ये फिल्में कभी बनी नहीं। हालांकि, महमूद की मदद से अमिताभ बच्चन को कई फिल्में मिलीं। जिनमें पहली थी आनंद, दूसरी परवाना और तीसरी बॉम्बे टू गोवा।


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