भारत की एकता-अखंडता को चोट पहुंचाने वाले हैदर को हाईकोर्ट का नोटिस
फिल्म 'हैदर' से शाहिद कपूर को काफी उम्मीदें हैं। मगर उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हैदर के कुछ दृश्यों और संवादों के चलते फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाली दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद फिल्म हैदर के निर्माता विशाल भारद्धाज और चार अन्य सहित केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म के कुछ दृश्यों और संवादों के कारण देश के लोगों में अलगगाववादी भावना उत्पन्न हो रही है।

जस्टिस वी के शुक्ला और न्यायमूर्ति बी के श्रीवास्तव की बेंच ने स्थानीय वकीलों के संगठन 'हिन्दू फ्रंट फार जस्टिस' की याचिका पर ये नोटिस जारी किये। आरोप लगाया कि फिल्म हैदर भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चोट पहुंचाती है और इसलिए देश के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली इस फिल्म का प्रदर्शन रोका जाना चाहिए। दायर जनहित याचिका के अनुसार फिल्म हैदर एक वर्ग की भावनाओं को आहत कर रही है।
याचिका में सूचना प्रसारण सचिव और भारत सरकार प्रमुख गृह सचिव के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार, केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, विशाल भारद्वाज पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड, फिल्म के निर्देशक, निर्माता एवं लेखक विशाल भारद्वाज, सह निर्माता सिद्धार्थ राय कपूर, सह लेखक बशरत पीर, अभिनेता शाहिद कपूर, अभिनेत्री श्रद्धा कपूर और लखनऊ के डीएम को प्रतिवादी बनाया गया है।
इन सभी को चार हफ्ते के भीतर नोटिस का जवाब देना है।


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