गुजारिश' से टक्कर नहीं लेंगे 'अल्लाह के बंदे'
रवि वालिया के निर्माण में बनी इस फिल्म में पहले यह फिल्म 12 नवंबर को प्रदर्शित होनी थी। बाद में 'गुजारिश' से एक दिन पहले 18 नवंबर को इसके प्रदर्शन का फैसला लिया गया था। लेकिन अब यह फिल्म 26 नवंबर को प्रदर्शित होगी। कबीर कहते हैं कि वह फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'गुजारिश' से कोई टक्कर नहीं चाहते थे। कबीर ने कहा, "मैं इस बात से बहुत डरा हुआ था कि मेरी फिल्म भंसाली के साथ प्रदर्शित हो रही है।
मुझे याद है कि जब मैं न्यूयार्क के फिल्म स्कूल से लौटा ही था तो मैंने भंसाली से उनके सहायक के तौर पर काम मांगने के लिए मुलाकात की थी। उन्होंने मेरे अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया। मुझे लगता है कि मेरे भाग्य में कुछ और ही था।"
वैसे लोगों का मानना है कि फिल्म के प्रदर्शन में हुई देरी की वजह सेंसर बोर्ड है। दरअसल बोर्ड ने फिल्म के कुछ दृश्य हटाने के लिए कहा था जिसमें कबीर को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। हिंसा, मद्यपान और कोकीन लेने के कुछ दृश्यों पर सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद यह फैसला लिया गया है।
कबीर ने कहा कि उन्हें लगा था कि फिल्म में जो बदलाव करने हैं वह कुछ ही दिनों में कर लिए जाएंगे और उसके विदेशों में भेजे जाने वाले प्रिंट भी 18 नवंबर को बकरीद तक भेज दिए जाएंगे लेकिन अब लगता है कि इतनी जल्दी ऐसा नहीं हो सकेगा। वह कहते हैं कि अब 26 नवंबर से पहले इसका प्रदर्शन नहीं हो सकेगा। कबीर ने कहा कि सौभाग्य से उनके पास बहुत अच्छे निर्माता हैं और उन्हें नसीरुद्दीन का भी सहयोग मिल रहा है।


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