नेपोटिज्म पर निर्देशक, "मेरा बेटा मुझपर निर्भर नहीं, मेरी परछाई उसके लिए फायदा भी है और श्राप भी"
सुशांत सिंह राजपूत के जाने के बाद बॉलीवुड पर कई स्टार्स व प्रशंसकों ने फेवरेटिज्म व नेपोटिज्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। इस बीच अलीगढ़ व शाहिद जैसे दमदार फिल्मों का निर्देशन करने वाले हंसल मेहता ने भी भाई-भतीजावाद को लेकर लंबी बातचीत सोशल मीडिया पर की। दरअसल हंसल मेहता के बेटे जय मेहता भी पिता की तरह फिल्मों में आ चुके हैं और फिल्ममेकर बन गए हैं।
ऐसे में बॉलीवुड में भेदभाव पर हंसल मेहता ने लिखा कि, उनकी परछाई उनके बेटे के लिए सबसे बड़ा फायदा तो सबसे बड़ा श्राप, दोनों ही हैं। इसके अलावा उन्होंने बेटे का पक्ष भी लिखा कि वह अपनी काबिलियत के चलते काम कर रहा है, मेहनत करता है। कुल मिलाकर हंसल मेहता ने लंबी सफाई कहें या प्रतिक्रिया, उन्होंने भाई-भतीजावाद के विषय पर दी।

अभी तक नेपोटिज्म को लेकर सोनू निगम, कंगना रनौत, अदनान सामी, शेखर कपूर, रवीना टंडन और अभय देओल जैसे तमाम सितारे विरोध कर चुके हैं। सुशांत के जाने के बाद सोशल मीडिया पर नेपोटिज्म को लेकर बहस जारी है।


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