खामोशियां स्पेशल- जानिये कब रह जाते हैं अली, गुरमीत और सपना खामोश
हम वो नहीं होते जो हम दिखाते हैं, हम वो होते हैं जो हम छुपाते हैं। ये पंक्तियां हैं महेश भट्ट की जो उन्होने अपनी आने वाली फिल्म खामोशियां में अपने किरदारों के जरिये जाहिर की हैं। महेश भट्ट की खामोशियां फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं गुरमीत चौधरी, अली फजल और सपना पब्बी। हाल ही में खामोशियां के प्रमोशन के दौरान हम इन तीनों कलाकारों से मिले और कुछ इंटरेस्टिंग जानने की कोशिश की आइये जानते हैं क्या थीं ये इंटरेस्टिंग बातें।
सबसे पहले तो हमने तीनों कलाकारों से ये जानने की कोशिश की कि खामोशियां फिल्म की टैगलाइन से सबसे ज्यादा कौन कनेक्टेड है। यानी कि किसकी जिंदगी में सबसे ज्यादा सीक्रेट हैं और कौन कबसे ज्यादा खामोश रहता है। इसके बाद हमने ये पूछा कि अली, गुरमीत और सपना की जिंदगी में वो कौन सा एहसास है या इमोशन है जिसमें वो खामोश हो जाते हैं।

तो आइये जानते हैं क्या जावब दिया इन कलाकारों ने-
किसके पास हैं सबसे ज्यादा सीक्रेट
गुरमीत चौधरी
गुरमीत चौधऱी का कहना है कि उनकी जिंदगी का हर पहलू सबके सामने है। वो बहुत बोलते हैं और इस वजह से ये जाहिर है कि उनके पास सीक्रेट्स नहीं हैं।
सपना पब्बी
अली फजल ने सपना का नाम लेते हुए कहा कि सपना सेट पर सबसे ज्यादा खामोश रहती थीं। तो यानी कि सपना ही सबसे ज्यादा सीक्रेट्स रखती हैं।
अली फजल
अली फजल का कहना है कि वो भी खामोश नहीं रहते। उनके पास भी कोई खास सीक्रेट्स नहीं हैं।
कौन सा इमोशन कर जाता है इन्हें खामोश
गुरमीत चौधऱी
गुरमीत चौधरी को जब गुस्सा आता है तो वो खामोश हो जाते हैं।
सपना पब्बी
सपना को जब किसी बात से असहजता होती है या कोई उन्हें इरिटेट कर देता है तो वो खामोश हो जाती हैं। वो कुछ नहीं कहतीं सिर्फ आंखें दिखाती हैं।
अली फजल
सबसे खूबसूरत खामोशी है अली फजल की। अली ने बताया जब आप किसी से प्यार का इजहार करते हैं तो उसके बाद जो खामोशी आती है बस वही खामोशी मैं भी इख्तियार करता हूं। इसके अलावा और कोई एहसास नहीं जिसमें मैं खामोश हो जाउं।


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