‘कॉमेडी किंग’ हैं बेहद संजीदा

‘हेराफेरी’, ‘भागम भाग’, ‘हे बेबी’, ‘दे दना दन’ और ‘सिंग इज़ किंग’ जैसी कई हिट कॉमेडी फ़िल्में देने वाले स्टार अक्षय कुमार असल ज़िंदगी में काफ़ी संजीदा इंसान हैं.
भले ही उन्होंने पिछले दस सालों में सबसे कामयाब कॉमेडी फ़िल्मों में काम किया हो लेकिन वो अपने वास्तविक जीवन में गिनती के लोगों के साथ ही हंसी-मज़ाक करते हैं.
अपनी ताज़ा फ़िल्म 'हाउसफ़ुल' के प्रचार दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने व्यक्तित्व के इस पहलू रूबरू करवाया.
अक्षय कुमार कहते हैं, “मैं बहुत अंतर्मुखी और गंभीर व्यक्ति हूं. अगर में हंसी-मज़ाक भी करता हूं तो कुछ चुनिंदा दोस्तों के साथ. मैं ख़ूब काम करता हूं. मुझे सिर्फ़ अभिनय करना आता है. ये कला मैंने कोई डिग्री लेकर नहीं बल्कि जीवन के अनुभव से सीखी है.”
अक्षय कुमार कहते हैं कि वो बॉलीवुड में काफ़ी ख़ुशकिस्मत रहे हैं क्योंकि उनके परिवार का दूर-दूर फ़िल्मी दुनिया से कोई नाता नहीं था. अक्षय कहते हैं, “मैंने जीवन में जो कुछ भी पाया है वो ज़्यादातर मेरी अच्छी किस्मत की वजह से और थोड़ी-बहुत मेहनत भी.”
लेखक अक्षय
ये शायद आपको पहले से मालूम ना हो लेकिन अक्षय कुमार कहते हैं कि उन्होंने दो-तीन फ़िल्में लिखीं भी है.
अक्षय कुमार कहते हैं, “नमस्ते लंडन मैंने लिखी थी. ‘वक़्त’ का काफ़ी हिस्सा मैंने ही लिखा था. मतलब इन कहानियों का कंसेप्ट मेरा था. मैं वास्तविक जीवन से किरदार चुनता हूं. ‘नमस्ते लंडन’ में जो मेरा किरदार था वो वास्तविक ही था. वह लड़का जालंधर में रहता है. उसकी शादी एक ब्रिटिश लड़की के साथ हुई थी लेकिन जब वो लंदन गया तो उसे लड़की ने बिलकुल अहमियत नहीं दी. ”
अक्षय कुमार इनदिनों साजिद ख़ान निर्देशित 'हाउसफ़ुल' में दिख रहे हैं.
आने वाले समय में वो निखिल आडवाणी की 'पटियाला हाउस' में भी नज़र आएंगे.


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