सीरियस फिल्में देखने कोई नहीं आता: अक्षय

अभिनेता अक्षय कुमार कहते हैं कि वो गंभीर फ़िल्में करना चाहते हैं लेकिन इस तरह की फ़िल्में चलती नहीं हैं. अक्षय कुमार अब तक कई हिट फ़िल्में दे चुके हैं लेकिन उनकी ज़्यादातर हिट फ़िल्में ऐक्शन या फिर कॉमेडी थीं.
अक्षय कहते हैं, “मैं गंभीर फ़िल्में और रोल ज़रूर करना चाहूंगा. लेकिन सच्चाई तो यही है कि ऐसी फ़िल्में चलती नहीं हैं. मुझे फ़िल्मों के व्यवसायिक पक्ष को भी देखना होता है. मैं मनोरंजन के व्यवसाय में हूं. मैं केवल वही फ़िल्में नहीं बना सकता जिससे सिर्फ़ मुझे संतुष्टि मिलती हो. मुझे औरों को भी संतुष्ट करना होता है."
ऐसा नहीं है कि अक्षय ने गंभीर किस्म के रोल नहीं किए हों. 2009 में आई अक्षय की फ़िल्म '8X10 तस्वीर" एक ऐसे व्यक्ति के बारे में थी जो तस्वीर देखकर भूतकाल में हुई बातें बता सकता है. लेकिन ये फ़िल्म फ़्लॉप साबित हुई थी.
अक्षय कहते हैं, “सीरियस फ़िल्में देखने कोई नहीं आता. वैसे ही ज़िंदगी में इतना तनाव है कि लोग मस्ती वाली फ़िल्में देखना पसंद करते हैं. इसलिए टीवी पर भी कॉमेडी फ़िल्मों का टीआरपी सबसे ज़्यादा होता है."
गंभीर फ़िल्में छोड़ भी दें तो हर बार कॉमेडी या ऐक्शन फ़िल्में चलेंगी, ये ज़रूरी नहीं होता. अक्षय कुमार की आखिरी दो फ़िल्में-'खट्टा मीठा" और 'ऐक्शन रीप्ले"-- बॉक्स ऑफ़िस पर अपनी छाप नहीं छोड़ पाईं.
इस बारे में अक्षय कहते हैं, “दो दिन तक मैं ज़रूर इस बारे में सोचता हूं और मुझे दुख भी होता है क्योंकि आप हर फ़िल्म पर बहुत मेहनत करते हैं. इसलिए जब लोग कहते हैं कि उन्हें फ़िल्म पसंद नहीं आई तो बुरा लगता है लेकिन आप उसे भूल कर आगे बढ़ जाते हैं और फिर से कोशिश करते हैं."
और शायद यही वजह है कि अक्षय कुमार को आज भी सुपरहिट की लालसा है. अक्षय का कहना है, “मेरे करियर में हमेशा ही उतार-चढ़ाव रहे हैं इसलिए मुझे फ़र्क नहीं पड़ता. साल में मेरी चार से पांच फ़िल्में रिलीज़ होती हैं और मैं हर फ़िल्म पर बराबर मेहनत करता हूं इसलिए मुझे हमेशा सुपरहिट की तलाश रहती है."
अक्षय कुमार की नई फ़िल्म 'तीसमार ख़ां" चौबीस दिसम्बर को रिलीज़ हो रही है.


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