अक्षय कुमार ने अच्छे नागरिक होने का सबूत दिया

अक्षय लिखते हैं कि जब वो सुबह अपने काम से जा रहे थे, तो एक इंसान के नेचर से वो बेहद निराश हो गये। उस इंसान ने सिगरेट का पैकेट फैंक दिया जिसे अक्षय ने उठाया। इंसान सिगरेट तो पिता ही है लेकिन उसके साथ साथ सिगरेट के पैकेट कहीं भी फेक कर सड़के भी गंदा कर देते हैं। सिगरेट पिने से सेहत का नुकसान तो होता ही है लेकिन उसके पैकेट से भी गंदगी बढ़ती है। सोचने वाली बात यह है कि अगर हम सभी सड़कों को अपने घर और मंदिर की तरह मानने लगें, तो हमें सफाई के मामले में 5 स्टार रेटिंग मिल सकती है। लेकिन फिलहाल हम ऐसा नहीं करते हैं, इसलिए हमें दुनिया के सबसे गंदे देशों में से एक माना जाता है।
मैं कोई एंजल नहीं हूं, मैं कार चलाता हूं, मैं प्लेन में उड़ता हूं, कई बार मुझसे गलती से लाइट भी ऑन रह जाती है। बावजूद इसके मेरी पूरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शहर में गंदगी न फैलाऊं और उसे साफ रखने की पूरी कोशिश करूं।
लेकिन अब सवाल यह है कि क्या आप भी ऐसा करते हैं? हमने अब तक वातावरण को खराब करने के लिए बहुत कुछ किया है। लेकिन इसके अच्छे के लिए हम कुछ नहीं करते केवल सोचते ही रहते हैं। मैं आप सबसे निवेदन करता हूं कि भारत की सड़कों को गंदा मत कीजिए। हम सभी अपनी गंदी आदतों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसे सुधार ले तो हम एक बदलाव ला सकते हैं। आपको बता दूं कि मैं अपने देश से बेहद प्यार करता हूं और मैं उनके साथ नहीं खड़ा हो सकता जो देश में गंदगी मचाते हैं।


Click it and Unblock the Notifications











