'मेरे 8 घंटे बाकी स्टार्स के 15 घंटे के बराबर हैं', फिल्मों को समय न देने के आरोप पर अक्षय कुमार का रिएक्शन
अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन 11 अगस्त को रिलीज होने के लिए तैयार है। यह इस साल अक्षय की तीसरी फिल्म होगी। इससे पहले 'बच्चन पांडे' और 'सम्राट पृथ्वीराज' आई और दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। दोनों फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद से ही लगातार अक्षय कुमार पर आरोप लगाया जा रहा है कि एक साल में 3- 4 फिल्में करने की होड़ में वो अपने फिल्मों को उचित समय नहीं देते हैं।
हाल ही में अक्षय कुमार की फीस में कटौती को लेकर भी काफी चर्चा की जा रही थी और कहा गया कि आने वाली फिल्मों में अक्षय अपनी फीस आधी करने वाले हैं। बहरहाल, अब सुपरस्टार ने इन सब बातों पर रिएक्शन दिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए अक्षय कुमार ने फिल्म के संवाद और पटकथा को इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया और स्वीकार किया कि लेखकों को अभी भी उद्योग में उनका उचित महत्व नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लेखकों के बाद, फिल्म क्रू में सबसे महत्वपूर्ण लोग निर्देशक, तकनीशियन और अंत में अभिनेता हैं।
बॉलीवुड में काम के माहौल में बदलाव लाने के लिए अभिनेता खुद को श्रेय भी देते हैं। अपने काम करने के तरीके के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह फिल्म उद्योग में किसी भी व्यक्ति से ज्यादा छुट्टियां लेते हैं। वह रविवार को काम नहीं करते हैं, और शनिवार को हॉफ डे रखते हैं।
अक्षय ने कहा, "मैं दिन में एक फिल्म के सेट पर केवल 8 घंटे बिताता हूं, लेकिन मैं उन 8 घंटों में से एक मिनट भी वैनिटी वैन में नहीं बैठता। मैं हमेशा फिल्म के सेट पर रहता हूं। मेरे 8 घंटे किसी भी अन्य स्टारके 14-15 घंटे के बराबर हैं। फिल्मों के लिए यह मेरी प्रतिबद्धता है।"
अपनी फिल्मों को उचित समय ना देने और जल्दी खत्म करने के दावों को खारिज करते हुए अक्षय ने कहा कि वह एक फिल्म को समय पर खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे मेकर्स पर कम से कम वित्तीय बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोग बड़े बॉक्स ऑफिस नंबरों की कमी से परेशान हैं और उनका मानना है कि चीजों को बदलने की जरूरत है।


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