"लोग सिर्फ मेरे कहने पर सिनेमाघर नहीं जाएंगे, दर्शक भी सब समझते है", फिल्म प्रमोशन कल्चर पर बोले अक्षय कुमार!

Akshay Kumar on Mission Raniganj promotions: टीनू सुरेश देसाई के निर्देशन में बनी, अक्षय कुमार स्टारर फिल्म 'मिशन रानीगंज' रिलीज हो चुकी है और फिल्म को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हालांकि फैंस की शिकायत रही है कि फिल्म का प्रमोशन ज्यादा नहीं किया गया, जिसका प्रभाव इसके बॉक्स ऑफिस पर भी पड़ सकता है।
फिल्म की रिलीज के मौके पर अक्षय कुमार ने मीडिया से खास बातचीत की और कहा कि ये बड़े स्तर पर बनी कोई कमर्शियल सिनेमा नहीं है। लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि ये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। मुझे अच्छा लगता है इस तरह की स्ट्रॉन्ग रियल लाइफ स्टोरी को पर्दे पर उतारना।
लोग सिर्फ मेरे बोलने पर फिल्म देखने नहीं जाएंगे
बहरहाल, फिल्मों का प्रमोशन कम किये जाने को लेकर अक्षय ने इसके पीछे का बड़ा कारण बताया। सुपरस्टार ने कहा, "ये वर्ड ऑफ माउथ वाली फिल्म है। मेरे प्रमोशन करने से ये फिल्म नहीं चलेगी। सेल्फी के दौरान मैंने ये महसूस कर लिया। उसके लिए मैं हर जगह घूम लिया था। मैं लोगों को कितना भी बोलूंगा, यदि उनको फिल्म नहीं देखनी है तो वो नहीं देखेंगे। लेकिन यदि उनके पड़ोसी आकर बताते हैं कि ये फिल्म बड़ी अच्छी है, तो वो जरूर जाएंगे फिल्म देखने। मेरे बोलने से कुछ नहीं होता। ये दर्शक भी जानते हैं कि सभी एक्टर अपनी अपनी फिल्मों के बारे में अच्छी बातें ही बोलेंगे।"
मेरी हर फिल्म समाज को बदलने के लिए नहीं होती है
वहीं, अपनी फिल्मों द्वारा लोगों को प्रेरित करने को लेकर अक्षय कुमार कहा, "फिल्म को ना फिल्म के हिसाब से देखना चाहिए। जैसे ओएमजी 2 आई थी, वो एक मैसेज वाली फिल्म थी। वैसे ही मैं हेरा फेरी भी करता हूं, जिसमें मैं चोरी चकारी करता हूं, इसका मतलब ये थोड़ी कि मैं सबसे ये कहना चाहता हूं कि आप चोरी करो। फिल्म को सिर्फ फिल्म की तरह देखिए। हर फिल्म का अलग मूड होता है, अलग अंदाज होता है। मिशन रानीगंज ऐसी कहानी है, जो दूसरों को प्रेरित करेगी। पैडमैन एक फिल्म थी, जो सेनेटरी पैड्स के बारे में बात करती है, मैंने शौचायल की जरूरत पर भी फिल्म बनाई, लेकिन दूसरी तरफ हेरा फेरी, हाउसफुल, वेलकम है। ऐसा नहीं है कि मेरी हर फिल्म लोगों को प्रेरित करने के लिए या समाज को बदलने ही बनाई जाती है।


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