क्रिसमस से पहले पूरी होगी अजय देवगन की स्पोर्ट्स-ड्रामा 'मैदान' की शूटिंग, 2022 में होगी रिलीज
अजय देवगन स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मैदान' को कोविड लॉकडाउन की वजह से काफी उतार- चढ़ाव से गुजरना पड़ा है। साल 2019 अगस्त में फ्लोर पर गई ये फिल्म अब आखिरकार अपने अंतिम चरण पर है। रिपोर्ट्स की मानें तो क्रिसमस के पहले फिल्म की शूटिंग पूरी हो जाएगी।
फिल्म के अंतिम शेड्यूल में अजय देवगन 1962 एशियन गेम्स के फाइनल मैच की शूटिंग करेंगे। अमित शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैदान' 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।

मिड- डे के रिपोर्ट की मानें तो देवगन ने अपनी सीरीज 'रुद्र' को पूरा करने के बाद नवंबर के दूसरे सप्ताह से मैदान का अंतिम शेड्यूल शुरू किया। इस बीच मड आइलैंड में 16 एकड़ का सेट फिर से बनाया गया, जो इस साल मई में चक्रवात ताउते से क्षतिग्रस्त हो गया था।
इस फिल्म के लिए मुंबई के विभिन्न स्टूडियो में तीन अतिरिक्त सेट बनाए गए थे जहां पिछले चार हफ्तों में शूटिंग की गई थी। फिल्म की पूरी टीम नवंबर से लगातार शूटिंग कर रही है, दिसंबर के पहले सप्ताह में दो दिनों को छोड़कर जब बेमौसम बारिश ने स्टेडियम को गीला कर दिया था।

सयैद अब्दुल रहीम की कहानी
ये स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म प्रसिद्ध फुटबॉल कोच सयैद अब्दुल रहीम पर बनी है।बता दें, अजय देवगन की यह फिल्म बहुत बड़े स्केल पर बनी है और इसे चार भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। हिंदी के साथ यह फिल्म तमिल, तेलुगू और मलयालम भाषा में रिलीज होगी।

परेशानियों का सामना
फिल्म की शूटिंग जोर शोर से चल रही थी, लेकिन पहले महामारी, फिर ताउते तूफान की वजह से फिल्म रोक दी गई। तूफान की वजह से फिल्म का पूरा सेट टूट गया था और निर्माताओं को लाखों का नुकसान सहना पड़ा था। वहीं, इस बीच निर्देशक अमित शर्मा भी कोरोना वायरस से ग्रसित हो गए थे।

बोनी कपूर ने की थी तारीफ
बोनी कपूर ने कहा, "फिल्म जिस तरह का आकार ले रही है, मैं बहुत खुश हूं। अमित शर्मा ने शानदार काम किया है। यह उनकी ही नहीं, बल्कि मुझे लगता है कि बॉलीवुड की बेहतरीन फिल्मों में शामिल होगी। यह एक ऐसी रियल घटना है, जिसके बारे में ज्यादा लोग जानते नहीं हैं।"

राष्ट्रीय पुरस्कार के हकदार हैं
वहीं, अजय देवगन के बारे में बात करते हुए निर्देशक ने दिल खोलकर तारीफ की और कहा, "अजय सर ने जो समर्पण का स्तर दिखाया है, वह लोगों को जरूर दिखेगा। उन्होंने ना केवल एक फुटबॉलर के तौर पर खुद को तैयार किया, बल्कि वह पूरी प्रोजेक्ट के दौरान लगातार जुड़े रहे। मैदान अजय सर के बिना नहीं बन सकती थी। मुझे लगता है कि वह एक और राष्ट्रीय पुरस्कार के हकदार हैं।"

फुटबॉल का स्वर्ण काल
फिल्म में भारतीय फुटबॉल का स्वर्ण काल (The Golden Era of Indian Football) दिखाया जाएगा। सैयद अब्दुल रहीम, भारत के सबसे बड़े फुटबॉल कोच में से एक माने जाते हैं, जिन्होंने 1952 से 1962 तक राज किया।

सैयद अब्दुल रहीम
सैयद पेशे से टीचर थे। उनमें लोगों को प्रोत्साहित करने की खूबी थी। इसी का फायदा उन्हें मिला और 1943 में उन्हें हैदराबाद सिटी पुलिस की फुटबॅाल टीम के साथ बतौर कोच रखा गया। उनके आने के बाद हैदराबाद टीम ने कई बार कप जीता। कई बार फाइनल में भी पहुंची।


Click it and Unblock the Notifications











