फैन्स का रिएक्शन: अजय देवगन की सबसे कमज़ोर फिल्म भुज द प्राइड ऑफ इंडिया, शरद केलकर हैं हीरो, पढ़िए ट्वीट्स
अजय देवगन की फिल्म भुज - द प्राईड ऑफ इंडिया, हॉटस्टार वीआईपी पर स्ट्रीम हो रही है और फिल्म को मिला जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में अजय देवगन से लेकर शरद केलकर और सोनाक्षी सिन्हा से लेकर नोरा फतेही की तारीफों के पुल तो बांधे जा रहे हैं लेकिन एकमत से सबका मानना है कि ये फिल्म नहीं झेली जा सकती है।
फिल्म में अजय देवगन स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं जो 1971 के भारत - पाकिस्तान युद्ध में गुजरात के एयरबेस पर पोस्ट किए गए एक जांबाज़ ऑफिसर थे। इस युद्ध के दौरान, भुज की एयरफोर्स स्ट्रिप को पाकिस्तान की आर्मी ने नेस्तनाबूद कर दिया था जिसके बाद गुजरात की 300 महिलाओं ने विजय कार्णिक को मदद देते हुए इस एयरस्ट्रिप को वापस बनाया था।

इसी वजह से भुज का नाम, भारतीय इतिहास में दर्ज होना चाहिए और ये कहानी लोगों को पता होनी चाहिए। एक ऐसा मिशन जहां केवल सेना ही नहीं बल्कि आम नागरिक ने भी अपनी देशभक्ति का चरम प्रदर्शन किया था।
दिक्कत बस इतनी सी है कि अभिषेक दुधैया के निर्देशन में बनी ये फिल्म इतिहास की गौरव गाथा कम और ड्रामा ज़्यादा लगती है। इतना कि दर्शक फिल्म के डायलॉग बर्दाश्त ही नहीं कर पाते। हालांकि इसके बावजूद फिल्म कुछ लोगों को काफी पसंद आई है। देखिए फैन्स ने फिल्म की कैसी समीक्षा की है।

दिल जीत ले गए अजय देवगन
एक यूज़र ने फिल्म देखने के बाद इच्छा ज़ाहिर की और लिखा काश ये फिल्म थिएटर में आती तो कमाल ही कर जाती। साथ ही अजय देवगन की तारीफ करते हुए इस फैन ने लिखा - ऐसी एक्टिंग करोगे तो दिल ही जीतोगे।

हॉटस्टार को लगाई झाड़
एक और यूज़र ने हॉटस्टार पर गुस्सा करते हुए कहा कि अगर किसी ने सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे दिए हैं तो उसके बावजूद उसे एड क्यों देखने पड़ते हैं। फिल्मों के बीच में एड देखना बहुत ही बेकार अनुभव है और इससे पूरी फिल्म का फ्लो टूट जाता है। हॉटस्टार ये बेतुकी हरकत बंद करो।

स्तर से बिल्कुल नीचे है फिल्म
भुज-द-प्राइड मूवी में देशभक्ति के नाम पर मुस्लिम राष्ट्रवाद, जातीय राष्ट्रवाद, क्षेत्रीय राष्ट्रवाद का तड़का लगाने की कोशिश की गई है जिसने मूवी की स्टोरी और नेरेशन को उलझा दिया है। अजय देवगन के स्टैंडर्ड के हिसाब से तो मूवी बहुत बिलो है।

कुछ लोग तारीफ करते नहीं थके
एक यूज़र ने लिखा - भुज देखी, अजय देवगन ने क्या शानदार अभिनय किया है। क्या डायलॉग डिलीवरी है। क्या कहानी है। हमें गुजरात का इतिहास बताने के लिए धन्यवाद। बहुत ही अच्छा।

आज तक नहीं देखी है ऐसी फिल्म
एक और यूज़र ने फिल्म से प्रभावित होते हुए लिखा - मैंने आज तक कभी भी अपनी ज़िंदगी में ऐसी फिल्म नहीं देखी है जिसकी एडिटिंग इतनी शानदार हो। पहले सीन से लेकर क्लाईमैक्स तक ये फिल्म आपको अपनी जगह से हिलने नहीं देती है। बेहतरीन और शानदार काम। सबको स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

शरद केलकर की तारीफें
वहीं लोगों ने फिल्म में शरद केलकर की तारीफ करते हुए बेहद अहम बात कही। एक फैन ने बॉलीवुड डायरेक्टर्स से गुज़ारिश करते हुए कहा कि शरद केलकर को इस तरह की छोटी भूमिकाओं में पेश करना बंद करें और कोई उनके अभिनय के कद को समझते हुए उनके लिए एक अच्छा मुख्य किरदार क्यों नहीं लिखता जिससे कि उनकी पूरी प्रतिभा को निचोड़ा जा सके और उन्हें इस तरह टुकड़ों में परदे पर ना देखना पड़े।

अच्छा हुआ पैसे बच गए
एक और यूज़र ने फिल्म का रिव्यू देते हुए लिखा - इस फिल्म में कुछ भी ऐसा खास नहीं है। एक बहुत ही शानदार और ज़रूरी कहानी को बेवजह के काल्पनिक ड्रामा से मार डाला गया है। अच्छा हुआ ये फिल्म कोरोना के कारण थिएटर में रिलीज़ नहीं हुई और लोगों के पैसे बच गए। फैन्स ने यहां तक कहा कि शेरशाह, भुज से काफी ज़्यादा बेहतर है।

सर, सच में बहुत खराब है
एक यूज़र ने भुज को अजय देवगन की सबसे कमज़ोर फिल्म बताया। इस यूज़र ने लिखा कि ये अजय देवगन के करियर की सबसे खराब फिल्म है। बेहद खराब एडिटिंग, उससे भी खराब VFX, अजीब सा स्क्रीनप्ले। माफ कीजिएगा अजय देवगन सर लेकिन ये फिल्म सच में बहुत खराब है।

पूरी कास्ट की हुई तारीफ
एक शब्द में फिल्म को पेश करते हुए एक यूज़र ने इसे निराशाजनक बताया। इस यूज़र ने लिखा - भुज बहुत ही कन्फ्यूज़ कर देने वाली फिल्म है। मैं इस फिल्म को बनाने वालों से पूछना चाहता हूं कि कहना क्या चाहते हो? लेकिन इसके बावजूद, अगर अजय देवगन के अभिनय की बात की जाए तो वो बेहतरीन है। अजय देवगन सहित फिल्म की पूरी कास्ट ने अपना काम बहुत ही अच्छे तरीके से किया है।


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