For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    9 साल तक किसी ने मेरा फोन नहीं उठाया, मैंने माफिया सर्कल में ड्रग्स और पागलपन देखा है

    |

    सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड के दो वीक से लगातार नेपोटिज्म चर्चा में है। कई कलाकारों ने डिप्रेशन और नेपोटिज्म को लेकर बात की है। इस बीच शेखर सुमन ने सुशांत सिंह राजपूत के केस की सीबीआई जांच मांगते हुए ये कहा कि उनका बेटा भी मूवी माफिया का शिकार हुआ है।

    ऐसे में आखिरकार शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन ने एक इंटरव्यू में इस सच्चाई से पर्दा उठाया है कि वह इसका शिकार हुए हैं। यहां तक कि 9 साल से किसी ने उनसे काम की बात नहीं की। कैम्पबाजी से लेकर ड्रग्स और डिप्रेशन पर भी बात की है।

    जो कि काफी चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स के अलावा इनसाइडर्स के साथ भी खेमेबाजी होती है। उन्होंने खुद की आप बीती सुनाई है। यहां पढ़ते हैं।

    मूवी माफिया का शिकार बना हूं

    मूवी माफिया का शिकार बना हूं

    ईटाइम्स से बात में अध्ययन सुमन ने कहा है कि मैं नेपोटिज्म का बड़ा उदाहरण हूं। जिसे इंडस्ट्री से कुछ नहीं मिला। इसमें कहीं ना कहीं दर्शकों की भी गलती है। दर्शकों ने इन्हें अपनाया है। जिसके कारण ये मूवी माफिया बन गए हैं। मैं भी इसका शिकार बन चुका हूं।

    9 साल तक मेरा फोन किसी ने नहीं उठाया

    9 साल तक मेरा फोन किसी ने नहीं उठाया

    मैं उसका नाम नहीं लूंगा उसनेमुझे नंबर दिया। आज तक उसने मेरा फोन नहीं उठाया। मेरे पिता ने अपने जीवन में बहुत कुछ अचीव किया है। लेकिन 9 साल तक मेरा फोन किसी ने नहीं उठाया।

    आउटसाइडर्स को मौका मिलता

    आउटसाइडर्स को मौका मिलता

    सुशांत आउटसाइडर थे। लेकिन बहुत बड़े स्टार थे। उन्होंने बड़ी फिल्में की। शाहरुख खान भी बड़े स्टार हैं। आउटसाइडर पर दबाव नहीं होता। लेकिन स्टार किड्स पर होता है। नेपोटिज्म है। लेकिन आप रणबीर कपूर का टैलेंट किनारे नहीं कर सकते। आयुष्मान का भी स्टगर्ल रहा है। उन्होंने ने 9 हिट फिल्में दी हैं। इससे साबित होता है कि आउटसाइडर्स को मौका मिलता है।

    माफिया सर्कल में बुलाया गया

    माफिया सर्कल में बुलाया गया

    मुझे भी दो बार इस माफिया सर्कल में बुलाया गया। मैंने यहां ड्रग्स और पागलपन देखा तो दूर रहने का फैसला ले लिया। दूसरी फिल्म भी मेरी चली लेकिन किसी ने मुझे नहीं बुलाया। यही मेरी कहानी है।

    मेरा किसी ने फोन नहीं उठाया

    मेरा किसी ने फोन नहीं उठाया

    पहली फिल्म तक मुझे बेटा कहकर बुलाया गया। दो फिल्में फ्लॅाप होते ही किसी ने मेरा फोन नहीं उठाया। जिस जिन आप फ्लॅाप हो जाते हैं आपको किनारा कर दिया जाता है। इंडस्ट्री में जब तक आपका परिवार है आप चल रहे हैं।

    सुसाइड के ख्याल आते थे

    सुसाइड के ख्याल आते थे

    इस बातचीत में अध्ययन ने ये भी कहा कि साल 2011 से 2015 के बीच उनके पास कोई काम नहीं था। अध्ययन ने ये भी बताया कि वह डिप्रेशन में थे। यहां तक कि उन्हें सुसाइड के भी ख्याल आते थे।

    English summary
    Here read After sushant singh rajput suicide adhyayan suman speaks on nepotism and movie mafia
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X