अफगानिस्तान संकट: 'महिलाओं पर जुल्म, दूध के बिना तड़पते बच्चे' - फिल्ममेकर ने लिखी दर्दनाक चिट्ठी

पूरा विश्व इस समय अफगानिस्तान की ओर ताक रहा है लेकिन कुछ कर नहीं रहा। काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से देश के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं। अन्य देशों की सरकारें अफगानिस्तान से अपने लोगों को वापस ला रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान की एक फिल्ममेकर ने इन हालातों पर दर्द बयां करते हुए ओपन लेटर लिखा है। ये सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

बॉलीवुड फिल्ममेकर अनुराग बसु ने अफगानिस्तान की फिल्ममेकर सहारा करीमी का पत्र सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद भारत में ये ओपन लेटर देखते ही देखते वायरल होने लगा। सहारा करीमी ने इस पत्र में अपने देश के दर्दनीय हालातों का जिक्र किया और मदद की गुहार लगाई।सहारा करीमी ने इस पत्र में बताया कि, मैं अफगानिस्तान फिल्म की महानिदेशक हूं। यहां एक फिल्म निर्देशक हूं। साल 1968 में सरकारी स्वामित्व वाली फिल्म कंपनी है।

afghanistan crisis

सहारा करीमी ने टूटते हुए दिल के साथ लिखा, मैं तालिबान से हमारे देश को बचाने के लिए बहुत ही उम्मीद के साथ आप सभी से मदद की गुहार लगाती हैं। वह बताती हैं कि अफगानवासियों के साथ नरसंहार किया जा रहा है, बच्चों को अगवाह किया जा रहा है तो महिलाओं को भयावह रूप से प्रताड़ित व जुल्म किया जा रहा है।

वह आगे बताती हैं, उन्हीं की एक साथी कलाकार को प्रताड़ित किया गया और जान से मार डाला। कई जगहों पर लोगों को फांसी पर भी लटकाया जा रहा है। लाखों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं। हर जगह बदहाली का माहौल हैं।

बिना दूध के बच्चों की मौत हो रही

बिना दूध के बच्चों की मौत हो रही

फिल्ममेकर ने बताया कि काबुल में कई शिविर बनाए गए हैं जहां बहुत ही डरावना हाल हो रखा है। बच्चों को दूध नहीं मिल रहा और उनकी मौत हो ही हैं। इन शिविरों में डैकेती चोरी ने हाल बेहाल कर रखा है। पूरा संसार इस दर्दनाक हालातों को देखने के बाद भी चुप है।

कलाकारों का जीवन संकट में हैं

कलाकारों का जीवन संकट में हैं

सभी ने हमें छोड़ दिया है, ये बहुत गलत है। हमारी आवाज को आपके साथ की जरूरत है। मैं अपने देश के लिए लड़ने को तैयार हूं, लेकिन अकेले ये लड़ाई संभव नहीं है। मुझे आपके साथ की जरूरत है। तालिबान सत्ता में आते ही कला को खत्म कर देंगे। कलाकारों का जीवन संकट में हैं।

सब खत्म हो जाएगा

सब खत्म हो जाएगा

तालिबान के कब्जे के बाद हमारी आवाज को पूरी तरह से दबा दिया जाएगा। इंटरनेट से लेकर अभिव्यक्ति की आजादी तक, सब खत्म हो चुका होगा।

अफगान में महिलाएं

अफगान में महिलाएं

जब तालिबान ने पहले देश पर कब्जा किया था तो यहां लड़कियों की स्कूल जाने की संख्या शून्य थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में अफगान में लड़कियां आगे बढ़ रही थी पढ़ रही थी। स्कूल व कॉलेज जाने वाली महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा थी लेकिन अब सब पहले जैसा हो जाएगा।

20 लाख लड़कियों को स्कूल से निकाल दिया

20 लाख लड़कियों को स्कूल से निकाल दिया

सहारा करीमी ने बताया कि तालिबान ने इन्हीं दिनों में करीब 20 लाख लड़कियों को स्कूल से निकाल दिया है। वह स्कूलों को खत्म कर देना चाहते हैं।

समर्थन मांगा

समर्थन मांगा

सहारा करीमी ने दुनिया से कलाकारों, फिल्मों, और फिल्म निर्माताओं के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि अफगान बच्चों, महिलाओं को दुनिया के साथ की जरूरत है।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X