हास्य कवि ओमप्रकाश आदित्य का निधन

आदित्य और उनके साथ कुछ और कवि विदिशा में एक कवि सम्मेलन में हिस्सा ले कर वापस लौट रहे थे जब उनकी कार एक अन्य वाहन से टकरा गई.
कार में सवार कवियों में से ओमप्रकाश आदित्य और लाड़सिंह गुर्जर की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई जबकि एक अन्य कवि नीरज पुरी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.
दुर्घटना में कुछ अन्य कवि घायल हुए हैं जिनके नाम हैं ओम व्यास, ज्ञानी बैरागी और विजय रस्तोगी.
ओमप्रकाश आदित्य अपनी काव्यपाठ की शैली के लिए हमेशा चर्चित रहे.
उनकी कई रचनाएँ कवि सम्मेलनों की जान हुआ करती थीं. विशेष तौर पर उनके कुछ छंदों को तो बार-बार सुनने की फ़रमाइशें होती थीं.
उनकी एक कविता की कुछ पंक्तियाँ
शेर से दहाड़ो मत,हाथी से चिंघाड़ो मतज्यादा गला फाड़ो मत, श्रोता डर जाएँगेघर के सताए हुए आए हैं बेचारे यहाँयहाँ भी सताओगे तो ये किधर जाएँगे?


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