जिस जमाने में औरतों का फिल्मों में काम करना मुश्किल था, उस समय सबसे लंबा किस करके इस हसीना ने मचाया था तहलका

Devika Rani Kissing Scene: भारतीय सिनेमा में जब फिल्में बनाने की शुरुआत हुई थी तो एक्टर और डायरेक्टर्स को कई तरह की मुश्किलें को सामना करना पड़ता था। पहली बात तो औरतों के लिए सिनेमा के शुरुआती दौर में काम करना ही बहुत मुश्किल था और ऊपर से किसिंग सीन तो और भी बड़ी बात है। लेकिन एक एक्ट्रेस ने उस दौर में ऐसा काम कर दिखाया था जो शायद आज की हसीनाओं को भी करने में हिचक होगी।
एक वक्त था जब फिल्मों में रोमांस या बोल्ड सीन दिखाना किसी गुनाह से कम नहीं माना जाता था। ऐसे समय में एक एक्ट्रेस ने समाज की परंपराओं को तोड़ते हुए निडर होकर नया रास्ता अपनाया। वो थीं देविका रानी, जिन्हें हिंदी फिल्मों की पहली ड्रीम गर्ल कहा जाता है।
कौन थीं देविका रानी?
देविका रानी का जन्म विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) के एक एजुकेटेड और सम्पन्न परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता डॉक्टर थे और बेटियों की पढ़ाई को बहुत महत्व देते थे। इसी सोच की वजह से देविका को 9 साल की उम्र में इंग्लैंड के बोर्डिंग स्कूल भेजा गया, उस समय जब लड़कियों की शिक्षा को समाज में ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती थी। उन्होंने आगे चलकर Royal Academy of Dramatic Art (RADA) से एक्टिंग की पढ़ाई की और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा।
देविका रानी की शादी और फिल्मी शुरुआत
साल 1928 में देविका रानी की मुलाकात फिल्ममेकर हिमांशु राय से हुई। दोनों ने 1929 में शादी कर ली। शादी के बाद देविका सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं रहीं, बल्कि फिल्म के तकनीकी पहलुओं में भी निपुण हो गईं। उन्होंने हिमांशु राय की साइलेंट फिल्म 'A Throw of Dice' में कॉस्ट्यूम डिजाइन और आर्ट डायरेक्शन का काम संभाला।
देविका रानी का बोल्ड किसिंग सीन जिसने मचा दी सनसनी
शादी के बाद यह जोड़ा फिल्म की पढ़ाई के लिए जर्मनी गया। वहां उन्होंने UFA Studios में फिल्ममेकिंग की ट्रेनिंग ली। इसके बाद हिमांशु राय ने 1933 में फिल्म 'Karma' बनाई, जिसमें देविका रानी लीड रोल में थीं।
यह फिल्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बनी थी। 'Karma' में देविका रानी और हिमांशु राय का चार मिनट लंबा किसिंग सीन दिखाया गया, जो उस दौर में भारतीय सिनेमा के लिए बहुत बोल्ड माना गया। यह सीन आज भी इतिहास का हिस्सा है क्योंकि ये भारत की फिल्मों में पहला ऑन-स्क्रीन किसिंग सीन था।
देविका रानी को मिली आलोचना, लेकिन नहीं टूटी हिम्मत
हालांकि Karma बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन इसके बोल्ड सीन ने खूब सुर्खियां बटोरीं। कई लोगों ने देविका रानी की आलोचना की और सवाल उठाए कि एक महिला इतनी खुलकर ऐसे सीन कैसे कर सकती है।लेकिन देविका ने हर आलोचना को नजरअंदाज किया और अपने एक्टिंग करियर को जारी रखा। वो जानती थीं कि अगर समाज बदलना है, तो किसी को पहला कदम उठाना ही होगा और उन्होंने वही किया।
देविका रानी को मिले सम्मान और पहचान
देविका रानी के योगदान को बाद में पूरे देश ने सराहा। वो दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड पाने वाली पहली भारतीय एक्ट्रेस बनीं। इसके अलावा उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।


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