'30 साल मैंने सिर्फ एक्शन सीन ही किये हैं, डायलॉग के नाम पर यस बॉस, नो बॉस ही मिलता था'
बॉलीवुड में लगभग चार दशक से काम कर रहे अभिनेता शरत सक्सेना इन दिनों चर्चा में हैं। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोशिएशन (CINTAA) से बातचीत के दौरान अभिनेता ने अपने बॉलीवुड सफर पर खुलकर बातें की और बताया कि 30 साल तक उन्होंने सिर्फ एक्शन का काम किया क्योंकि निर्माता- निर्देशक कुछ और देते ही नहीं थे। शरत सक्सेना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
अभिनेता ने कहा, "उस जमाने में हमारे पूरे देश में जिस आदमी के muscles होते थे, या जो थोड़ा पहलवान जैसा दिखता था, उस आदमी को मजदूर वर्ग का समझा जाता था। उस आदमी को लेकर धारणा बनी हुई थी कि इसे आर्ट्स की समझ नहीं.. यह कभी राइटर नहीं बन सकता, एक्टर नहीं बन सकता.. यह सिर्फ एक फाइटर बन सकता है।"

अपने बॉलीवुड सफर पर अभिनेता ने कहा, "अफसोस की बात है कि जब हम मुंबई आए थे तो काफी तगड़े थे। क्योंकि हमारे पिताजी भी एथलीट हुआ करते थे तो हमने भी उनके देखा देखी काफी एक्सरसाइज की थी। तो मुंबई के प्रोड्यूसर, डाइरेक्टर ने जब मुझे देखा.. तो उन्हें एक एक्टर नजर नहीं आता था। उन्हें एक फाइटर या एक जूनियर आर्टिस्ट नजर आता था। हमने 30 साल तक लगभग सिर्फ एक्शन का काम किया और जब एक्टिंग की बात आती थी तो हमको डायलॉग मिलते थे.. यस बॉस, नो बॉस, ओके बॉस, माफ कर दीजिए बॉस, आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी बॉस.."
राइटर अपूर्व असरानी ने शरत सक्सेना के इस वीडियो को शेयर किया है और लिखा- "शरत सक्सेना जैसे कई शानदार अभिनेता सिर्फ पिता/पुलिस/सहयोगी के रोल तक सिमट गए, जिन फिल्मों में जीरो टैलेंट वाले लीड लिया जाता था। Mediocrity को प्रमोट करने के चक्कर में कई शानदार टैलेंट को हमने जाने दिया। लेकिन आज, ओटीटी एक बढ़िया माध्यम है। एक 'स्टार सरनेम' को सच्चे टैलेंट के सामने जरूर झुकना चाहिए।"
गौरतलब है कि साल 1974 में शरत सक्सेना ने फिल्म 'बेनाम' से डेब्यू किया था। वह लगभग 250-300 फिल्मों में काम कर चुके हैं। फिल्म 'गुलाम' में उनके किरदार को काफी पहचान मिली थी और अभिनय की सराहना की गई थी।


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