राज किरण: रूपहले पर्दे ने पहुंचा दिया पागलखाने

सबको पता है कि हिंदी फिल्मों में कभी साइड हीरो तो कभी खलनायक के रूप में नजर आये राजकिरण का कोई भी गॉड फादर हिदी सिने जगत में नहीं था। उनका बेहद ही संघर्ष पूर्ण जीवन रहा, हालांकि उन्हें कुछ खास मौके मिले जिन्हें उन्होंने भरपूर भूनाया भी। अर्थ, बसेरा और कर्ज उन्हीं मौकों की देन हैं। लेकिन जिसके पास प्रतिभा होती है उसे अगर मौका और उसकी मेहनत का फल ना मिले तो वो व्यक्ति अवसाद ग्रस्त हो ही जाता है।
राजकिरण भी उसी बात का नतीजा है। लगातार फिल्मों में काम करते रहने के बाद भी उन्हें टॉप पोजिशन नहीं मिली जिसके चलते उन्होंने बिजमेस में हाथ आजमाने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं ना जब वक्त बुरा होता है तो कोई भी साथ नहीं देता। राज के साथ भी वो ही हुआ । फिल्मी जानकारों के मुताबिक राज को बिजनेस में भी काफी नुकसान हुआ। जिसके बाद वो शारीरिक रूप से बीमार रहने लगे। परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया।
जिसका परिणाम ये हुआ कि रूपहले पर्दे पर खूबसूरत मुस्कान बिखेरने वाला एक फिल्मी सितारा अंटलांट के पागलखाने में अपने दिन गुजार रहा है। दुर्गति का आलम ये है कि खुद मजूरी करता है तब दवाई खरीदता है। भरा पूरा परिवार होने के बाद भी वो आज भी तन्हा है। और वक्त ने राज किरण को ना तो राज ही बक्शा और ना ही किरण के रूप में कोई रोशनी। वो तो बस नांम का राज किरण ही रह गया है।
गौरतलब है कि राजकिरण के बारे में रिषि कपूर ने खुलासा किया है कि वो अटंलाटा में हैं, उनका मानसिक स्तर ठीक नहीं है । उनका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है जहां वो मजूरी करके अपने दिन गुजार रहे है। पिछले काफी समय से लापता राज किरण को लोगो ने मृत समझ लिया था।


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