बहुत ख़ास है मेरे लिए ये टूर: अभिषेक

एक तो पहले वर्ल्ड टूर पर जाने का मौक़ा और साथ में हैं पिता अमिताभ बच्चन और पत्नी ऐश्वर्या राय- अभिषेक बच्चन इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं.
सैकड़ों लोगों की तरह अभिषेक भी ऐश्वर्या के नृत्य कौशल के कायल हैं. विश्व दौरे का अनुभव, इससे जुड़ा पर्यावरण का संदेश, विशाल-शेखर के साथ मिलकर एलबम बनाने की इच्छा..इस सब के बारे में अभिषेक बच्चन ने बीबीसी से बात की.
इस वर्ल्ड टूर पर जाने की सबसे ख़ास वजह?
ये शो मेरे लिए सबसे ज़्यादा ख़ास इसलिए है क्योंकि इसके ज़रिए हमें अपने फ़ैन्स से मिलने का मौका मिलता है, हम ज़्यादातर फ़िल्मी स्क्रीन पर दिखाई देते हैं लेकिन ऐसे शो में सबसे बड़ी अपील ये होती है कि हम अपने दर्शकों के लिए परफ़ॉर्म कर सकते हैं और वो भी लाइव.
ये आपका पहला वर्ल्ड टूर है, ये अनुभव कैसा रहा…वो स्टेज पर जाने से पहले का डर?
डर तो हमेशा रहेगा चाहे वो स्टेज पर हो या स्क्रीन पर हो. एक कलाकार हमेशा चाहता है कि वो जो भी करे दिल लगाकार करे. इसलिए नवर्स तो इंसान होता है. पर जब आप स्टेज पर पहुँचते हैं और हज़ारों दर्शक एक साथ आपके लिए चिल्लाते हैं तो डर छू मंतर हो जाता है.
विश्व के कई शहरों में अन्फ़ॉरगेटेबल टूर गया है. इतने बड़े शो को सफलतापूर्वक स्टेज पर उतारना, कितनी मेहनत लगती है इसके पीछे?
सो मेहनत तो बहुत होती है. ऐसा नहीं है कि वर्ल्ड टूर एक छुट्टी की तरह होता है.
अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या के साथ स्टेज पर परफॉर्म करना, ये अनुभव कितना ख़ास रहता है.
विशेष तो ज़रूर है. कौन अभिनेता नहीं चाहता कि वो स्टेज पर अमित जी के साथ रहे. अमित जी ही नहीं साथ में स्टेज पर मेरी पत्नी भी होती हैं. इसलिए मेरे लिए तो बहुत ख़ास है.
अमिताभ जी ने तो बहुत सारे वर्ल्ड टूर किए हैं, क्या बचपन में उनके साथ जाने का मौका मिलता था?
हमेशा ही जाता था. जब वो इस तरह के वर्ल्ड टूर पर जाते थे मैं हमेशा उनके साथ रहता था.
हमने सुना है कि टूर शुरु होने से पहले ऐश्वर्या बीमार हो गई थीं, रिहर्सल में भी नहीं आ पाईं और उनके डांस स्टेप्स आपने सीख लिए थे.
शो से पहले ही ऐश्वर्या को जर्मन मीज़ल्स हो गया था और जितना रिहर्सल वो करना चाहती थीं नहीं कर पाई थीं. पर वो इतनी अच्छी डांसर हैं कि दो-तीन दिनों में उन्होंने सब कुछ सीख लिया.
थोड़ी बहुत मदद मैने ज़रूर की थी पर ज़्यादातर काम ऐश्वर्या ने ख़ुद ही किया. अमरीका में ऐश्वर्या ने माधुरी दीक्षित के साथ स्टेज पर डांस किया था, कमाल का दृश्य था वो.
इस सब से अलग हटकर बात करें तो इस टूर के ज़रिए आप लोग पर्यावरण संबंधी संदेश भी देने की कोशिश कर रहे हैं.
हाँ डैड ने तय किया था कि इस शो के ज़रिए हम केवल मनोरंजन ही नहीं करेंगे बल्कि कोई संदेश भी पहुँचा सकें तो अच्छा रहेगा. उनको लगा कि ग्लोबल वार्मिंग की बात उठानी चाहिए.
शो के दौरान इस मुद्दे को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया भी अच्छी रही है.
लंदन में चंद दिन बाद ही शो होने वाला है. यहाँ के लोगों के लिए कुछ संदेश.
लंदन इस टूर के आख़िरी चरण में है, हम लोगों ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन अंतिम दौर के लिए बचा कर रखा है. हमारा सबसे उम्दा और बड़ा शो यहीं होने वाला है. हम चाहते हैं कि ये दौरा वाकई अन्फ़ॉर्गेटेबल रहे.
क्या लोग आप तीनों को कजरारे ...पर थिरकते हुए देख सकेंगे. हम स्टेज पर उतरें और कजरारे न करें, ऐसा कैसे हो सकता है. कजरारे ही नहीं, और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा.
इस शो में विशाल शेखर भी हैं. हम लंबे समय से सुनते आ रहे हैं कि आप उनके साथ मिलकर कोई एलबम निकालना चाहते हैं.
हम लोग मस्ती-मज़ाक करते रहते हैं, विशाल-शेखर मेरे बहुत करीबी दोस्त हैं. फ़िल्म ब्लफ़्मास्टर के दौरान मैने उनके लिए गाना गाया था- राइट हेयर राइट नाओ.
उस दौरान कुछ और गाने भी रिकॉर्ड किए थे. पर फिर सभी व्यस्त हो गए.
मैने उन्हें इतना समय ही नहीं दिया है कि पूरा एलबम बना पाऊं, ये सोच तो ज़रूर है कि एक दिन कुछ करें एक साथ पर अभी वक़्त नहीं है तीनों के पास, देखिए आगे जाकर क्या होता है.


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