अभिषेक बच्चन और शाहरूख खान की कहानी स्पिन ऑफ बॉब बिस्वास की रिलीज़ डेट फाईनल
शाहरूख खान की रेड चिलीज़ इंटरटेनमेंट अभिषेक बच्चन की अगली फिल्म बॉब बिस्वास प्रोड्यूस कर रही है। ये फिल्म सुजॉय घोष की ब्लॉकबस्टर फिल्म कहानी की स्पिन ऑफ फिल्म है। बॉब बिस्वास, विद्या बालन स्टारर कहानी का बहुत ही दिलचस्प और संदेहास्पद किरदार था। अब सुजॉय घोष की बेटी दीया घोष बॉब बिस्वास की कहानी लेकर आ रही हैं।

फिल्म की रिलीज़ डेट भी फाईनल हो चुकी है। खबरों की मानें तो बॉब बिस्वास मई 2021 तक दर्शकों के सामने होगी। हालांकि फिल्म थियेटर रिलीज़ होगी या OTT इस बारे में अभी भी चर्चा की जा रही है।
विद्या बालन स्टारर कहानी में बंगाली एक्टर शाश्वत चटर्जी ने बॉब बिस्वास का किरदार निभाया था और उनके किरदार को काफी तारीफें मिली थीं। यही कारण था कि बॉब बिस्वास के किरदार में अभिषेक बच्चन की कास्टिंग के बाद फैन्स ने इसकी कड़ी आलोचना की थी।
लेकिन फिल्म से अभिषेक बच्चन का लुक लीक होने के बाद से ही फैन्स की इस फिल्म में दिलचस्पी बढ़ चुकी है। क्योंकि अभिषेक का लुक देखकर लोगों को केवल बॉब बिस्वास याद आए।

OTT ने बदल दी किस्मत
गौरतलब है कि 2020 में OTT ने स्टार्स की किस्मत बदल दी। अभिषेक बच्चन के लिए ब्रीथ इन टू द शैडोज़ और फिर लूडो में लीड भूमिकाओं ने उनके करियर को दूसरा मौका दिया और दर्शकों को एक बार फिर से उनसे जुड़ने का सफल मौका दिया।

कमबैक का था इंतज़ार
फैन्स काफी समय से अभिषेक बच्चन के सफल कमबैक का इंतज़ार कर रहे थे। और उन्होंने 2020 में एक सफल वेब सीरीज़ और फिर एक शानदार फिल्म के साथ फैन्स का दिल जीत लिया। अब उनके आगे के प्रोजेक्ट्स के लिए फैन्स उत्साहित हैं।

करियर की दिशा
अभिषेक बच्चन का डेब्यू जहां धड़ाम से गिर गया वहीं उसके बाद भी उनके चुनाव ज़्यादा सही नहीं रहे। उन्होंने वो फिल्में चुनीं जो उनके स्क्रीन लुक पर बिल्कुल जमी नहीं और यही वजह है कि अभिषेक लगातार तुलना और आलोचनाओं का शिकार बनते रहे।

हमेशा लगे इल्ज़ाम
फैन्स ने हमेशा ये आरोप लगाया कि कहीं ना कहीं अभिषेक मेहनत करने में चुक गए। उन्हें फिल्मों में रोल के हिसाब से ज्यादा मेहनत नहीं की जिससे उनकी इमेज एक मेहनती एक्टर की बनती जो रणबीर कपूर के साथ हुआ। जब-जब उन्होंने ऐसा किया वो हिट रहे चाहे वो युवा, बंटी और बबली या गुरू हो।

ना नहीं करना सबसे बड़ी भूल
अभिषेक ने कई ऐसी फिल्में की जो उन्हें नहीं चुनना चाहिए था जैसे अभिषेक की 'तेरा जादू चल गया ', 'ढाई अक्षर प्रेम के ', 'बस इतना सा ख्वाब है ', 'हां मैंने भी प्यार किया है ', 'शरारत ', 'मैं प्रेम की दीवानी हूं ', 'मुंबई से आया मेरा दोस्त ', 'कुछ ना कहो ', 'जमीन ', 'रन ', 'फिर मिलेंगे ', 'नाच ', 'दस ', 'लागा चुनरी में दाग ', 'झूम बराबर झूम ', 'द्रोणा ', 'रावण ', 'खेले हम जी जान से' व अन्य फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी।

एक गलत फैसला
अभिषेक का सपोर्टिंग एक्टर के किरदारों के लिए हां कहना उन पर और भारी पड़ गया और उन्हें वैसे ही रोल मिलना शुरू हो गए जिनमें उनकी भूमिका मेहमान कलाकार से ज़्यादा नहीं रही गई।

स्टार किड होने का प्रेशर
इसमें कोई शक नहीं है कि अभिषेक को उपर अमिताभ के बेटे होने का शुरू से दबाब था। हालांकि वो इससे अच्छी तरह से निपटे लेकिन दबाब का असर फिल्मों पर जरूर दिखा तभी वो शायद गलत फिल्में भी लगातार कर बैठे।

बच्चन सरनेम का दबाव
बच्चन फैमिली के मेंबर होने के कारण उनकी हर एक्टिविटी पर लोगों की नजर रहने लगी। एक शो में अभिषेक बच्चन की श्वेता ने उनके बचाव में कहा था कि उसे लगातार उसके माता पिता के टैलेंट के हिसाब से आंका गया।

करियर के ऑप्शन
अभिषेक बच्चन ने प्रो कबड्डी लीग में अपनी एक टीम उतारी और उसे जयपुर पिंक पैंथर्स नाम दिया। उनके इस प्रयास को अमिताभ ने भी सराहा है लेकिन कहीं इसका असर उनके फिल्मी करियर पर ना पड़े जैसा प्रीति जिंटा के साथ हुआ कि वो बिजनस में इतनी बिजी हो गई कि फिल्मों के लिए समय हीं नहीं बचा।

आने वाली फिल्में
अभिषेक बच्चन एक बार फिर कमबैक के लिए तैयार हैं। एक तरफ वो अजय देवगन की बिग बुल में दिखाई देंगे तो दूसरी तरफ वो अपनी अगली फिल्म में एक अनपढ़, भ्रष्ट नेता बनने जा रहे हैं और फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं दिनेश विजान। उम्मीद है कि उनकी ये दूसरी पारी बेहतरीन तरीके से सफल हो।


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