'मेरे माता-पिता नहीं चाहते थे कि मैं फ़िल्मों में आऊं'

आमिर ने अपने अब तक के करियर के बारे में बीबीसी से ख़ास बात करते हुए कहा, "मेरे मां-बाप नहीं चाहते थे कि मैं फ़िल्मों में आऊं. वो चाहते थे कि मैं डॉक्टर, इंजीनियर या चार्टर्ड एकाउंटेंट बनूं. दरअसल वो ये मानते थे कि फ़िल्म लाइन में करियर बहुत मुश्किल हैं. यहां आप एक पल ऊपर तो अगले ही पल नीचे पहुंच जाते हो. तो शायद वो चाहते थे कि मैं कोई ऐसा करियर चुनूं जिसमें जोखिम कम हो."
बहुत कम लोगों को शायद ये पता हो कि आमिर ख़ान की पहली फ़िल्म सुपरहिट 'क़यामत से क़यामत तक' नहीं बल्कि केतन मेहता की 'होली' थी.आमिर ने बताया, "केतन उस वक़्त तक 'मिर्च मसाला' और 'भवानी भवई' जैसी बेहतरीन फ़िल्में बना चुके थे. मैं उनके पास गया और कहा कि मैं आपकी फ़िल्म में ऐक्टिंग करना चाहता हूं. 'होली' में मेरे अलावा 20 और बच्चों ने काम किया था."
आमिर ने आगे बताया कि उनके चाचा नासिर हुसैन और भाई मंसूर ख़ान ने जब 'होली' देखी तो उन्हें आमिर का काम बहुत पसंद आया. और इस तरह से 'क़यामत से क़यामत तक' के लिए उनके नाम पर विचार हुआ.अपनी पहली फ़िल्म से लेकर इस साल रिलीज़ हुई 'धोबी घाट' तक आमिर ने ढेरों किरदार निभाए. तो वो कौन-सा किरदार है जो उनके दिल के सबसे ज़्यादा क़रीब है.
ये पूछने पर आमिर ख़ान बोले, "कोई एक ख़ास नहीं बल्कि कई किरदार मुझे बेहद पसंद हैं. लेकिन असल ज़िंदगी में 'लगान' के भुवन, 'तारे ज़मीन पर' के रामशंकर निकुंभ और 3 'इडियट्स' के रैंचो जैसा हूं."आमिर जूही चावला को अपनी पसंदीदा सह-कलाकार मानते हैं. अभिनेताओं में वो दिलीप कुमार के ज़बरदस्त प्रशंसक हैं.
आमिर ख़ान की आने वाली फ़िल्मों में रीमा कागती की एक फ़िल्म है जिसमें उनके साथ करीना कपूर और रानी मुखर्जी भी हैं.साथ ही वो यशराज बैनर की 'धूम 3' में खलनायक की भूमिका निभाएंगे.


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