ऑस्कर्स से बाहर—थोड़ी ख़ुशी, थोड़ा ग़म

आमिर ख़ान फ़िल्म को ‘पीपली लाईव’ को ऑस्कर पुरुस्कारों के लिए नामांकन न मिलने का दुख है लेकिन वो कुछ हद तक ख़ुश भी हैं.
आमिर ख़ान को फ़िल्म ‘पीपली लाईव’ को ऑस्कर पुरुस्कारों के लिए नामांकन न मिलने का दुख है लेकिन वो कुछ हद तक ख़ुश भी हैं.
अनुषा रिज़वी द्वारा निर्देशित ‘पीपली लाईव’ ऑस्कर्स में विदेशी फ़िल्मों के वर्ग में भारत की आधिकारिक एंट्री थी. लेकिन इसे अगले दौर की नौ फ़िल्मों की सूची में नामांकन नहीं मिल पाया.
फ़िल्म के निर्माता आमिर ख़ान को दुख है कि फ़िल्म नामांकित नहीं हुई है लेकिन वो इस बात से ख़ुश हैं कि फ़िल्म ने भारत का प्रतिनिधित्व किया.
आमिर कहते हैं, “मुझे दुख है कि फ़िल्म ऑस्कर्स के लिए नहीं चुनी गई लेकिन इस बात की ख़ुशी भी है कि हमने भारत का प्रतिनिधित्व किया. साथ ही इस बात की भी ख़ुशी है कि दुनिया के हर देश की बेहतरीन पचास-साठ फ़िल्में जो ऑस्कर में भेजी गईं उसमें हमारी फ़िल्म भी थी.”
वो ये भी कहते हैं कि वो किसी अवॉर्ड के लिए फ़िल्म नहीं बनाते. आमिर ने कहा, “मैं दर्शकों के लिए फ़िल्म बनाता हूं. और जो दर्शकों, पत्रकारों और समीक्षकों ने ‘पीपली लाईव’ को प्रतिक्रिया दी है, मेरे लिए वो ज़्यादा अहमियत रखती है. ऑस्कर्स, कैन या बर्लिन फ़ेस्टीवल एक अंतरराष्ट्रीय खिड़की है, जहां अगर आपकी फ़िल्म जीतती है तो उसके ज़रिए दुनिया के लोगों को हमारी फ़िल्मों की जानकारी मिलती है और ज़्यादा लोग फ़िल्म देखते हैं.”
गुरुवार को मुम्बई में अपनी नई फ़िल्म ‘धोबीघाट’ के टाइटिल से जुड़े एक विवाद की सफ़ाई देने के लिए बुलाए गए पत्रकार सम्मेलन में आमिर ने ये बात कही.
इस मौके पर आमिर ने इस बात से भी इंकार किया कि उन्होंने निर्देशक मधुर भंडारकर से उनकी नई फ़िल्म ‘दिल तो बच्चा है जी’ की रिलीज़ की तारीख़ आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था.
आमिर ने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी किसी से उनकी फ़िल्म की रिलीज़ की तारीख़ बदलने के लिए नहीं कहा है. न मैंने और न मधुर ने मुझसे इस बारे में बात की है. मैं मानता हूं कि अगर मेरी फ़िल्म अच्छी नहीं है तो अकेली रिलीज़ होने के बावजूद वो फ़्लॉप हो जाएगी और अगर अच्छी है तो बाकी फ़िल्मों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करेगी.”
‘धोबीघाट’ 21 जनवरी को रिलीज़ हो रही है जबकि ‘दिल तो बच्चा है जी’ पहले 26 जनवरी को रिलीज़ हो रही थी लेकिन अब फ़िल्म 28 जनवरी को सिनेमाघरों में पहुंचेगी. मधुर भंडारकर ने इसकी कोई वजह नहीं दी है.
सचिन को शुभकामना
आमिर ख़ान, सचिन तेंदुलकर को शुभकामनाएं नहीं देते.
इन दिनों हर जगह 19 फ़रवरी से शुरु हो रहे क्रिकेट विश्व कप का बुख़ार है. आमिर भी इससे अछूते नहीं है. वो भी चाहते हैं कि भारत इस बार विश्व कप जीते.
भारतीय टीम को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, “ मैं चाहता हूं कि टीम वर्ल्ड कप जीते और भारत का नाम रोशन करे. मैं ये भी चाहता हूं कि टीम खेल की भावना के साथ खेले. हार-जीत तो लगी रहती है लेकिन जब हम खेलें तो दुनिया को लगे कि भारतीय टीम खेल की भावना के साथ खेल रहे हैं और हमें उसकी तारीफ़ मिल. हम जीते तो ख़ुशी होगी लेकिन अगर हारते हैं तो भी दुख नहीं होगा क्योंकि हमें भरोसा है कि हमारी टीम अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करेगी.”
भारतीय टीम के साथ भले ही आमिर की शुभकामनाएं हों लेकिन वो मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को शुभकामना नहीं देना चाहते.
आमिर ने कहा, “मैं सचिन को शुभकामनाएं देने के मामले में बहुत अंधविश्वासी हूं. जब मेरी सचिन से मेरी दोस्ती हुई थी तो मैं उन्हें हर मैच से पहले फ़ोन करके ‘ऑल द बेस्ट’ बोलता था लेकिन वो बेचारे जल्दी आउट हो जाते थे. हालांकि मैं इन बातों में यक़ीन नहीं करता लेकिन मुझे लगा कि जब भी मैं ऐसा करता हूं तो अच्छा नहीं होता. तब मैंने उनसे साफ़ कह दिया कि मैं आगे से आपको शुभकामनाएं नहीं दूंगा. और तब से वो सेंचुरी पर सेंचुरी मार रहे हैं.”


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