Pk कंट्रोवर्सी: जब सेंसर बोर्ड को थी आपत्ति तो कैसे पास हुई पीके?

अगर कोई फिल्म जितनी कमाई करे उतनी ही कंट्रोवर्सी भी बढ़ाती जाए तो इसका मतलब है कि ज़रूर दाल में कुछ काला है। पीके कमाई पर कमाई कर रही है, देश में दो गुट बन गए हैं, राजकुमार हिरानी और आमिर खान पार्टी कर रहे हैं लेकिन फिर भी एक सवाल है जो इन सबके बीच में दबा दिया गया है। वो ये कि पीके के कई दृश्य ऐसे थे जिन्हें सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक माना था!

जी हां, तो क्या इसका मतलब ये माना जाए कि पीके के सीन्स को लेकर सेंसर बोर्ड बंटा हुआ था? एक निजी चैनल की रिपोर्ट को अगर सच माना जाए तो सेंसर बोर्ड कमेटी सतीश कल्याणकर ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म में हिंदु धर्म से जुड़े कुछ दृष्यों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन उन दृष्यों को हटाए बिना फिल्म को पास कर दिया गया।
ALSO READ: कांग्रेस ने डर कर सेंसर से बैन करवाई थीं ये फिल्में

फिल्म को पास करने में सेंसर बोर्ड के एक अधिकारी के साथ चार सदस्यों की टीम होती है और सबकी सहमती के बाद ही फिल्म पास होती है। सभी सदस्यों को फिल्म से जुड़ी अपनी राय लिखित रूप में देनी होती है और अगर किसी तरह की आपत्ति जताई जाती है तो सेंसर बोर्ड के सीईओ और चेयरमैन को फ़ैसला लेने का अधिकार है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब कुछ लोगों को आपत्ति थी तो फिर पीके सेंसर बोर्ड से पास कैसे हो गई। क्या सेंसर बोर्ड में भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकार जैसी कोई चीज़ नहीं बची है। वहीं फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड के सदस्यों से मिलने पहुंचे स्वामी स्वरूपानंद ने फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट की सीबीआई जांच की मांग की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X