कॉपीराइट पर उलझे आमिर-जावेद

आमिर ने पत्र के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को दी। आमिर ने अपने पत्र में लिखा है, "कॉपीराइट से जुड़े असल मुद्दों पर से ध्यान हटाने के लिए कुछ लोग मुझ पर बेकार के आरोप मढ़ रहे हैं। यह मेरी छवि खराब करने की कुछ लोगों की चाल है।"
उल्लेखनीय है कि हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आमिर ने रॉयल्टी के मुद्दे पर अपना पक्ष साफ करते हुए कहा था कि किसी गाने की सफलता का श्रेय गीतकार को नहीं बल्कि अभिनेता को मिलना चाहिए क्योंकि उसका फिल्मांकन अभिनेता पर हुआ है। पिछले साल रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म '3 इडियट्स' की पटकथा के कॉपीराइट को लेकर भी विवाद उठ खड़ा हुआ था। हांलाकि बाद में यह विवाद सुलझा लिया गया था।
क्यों उलझे आमिर-जावेद:
आमिर की इस दलील को मीडिया ने आड़े हाथों लिया औऱ कहा कि वह लेखकों को मिलने वाली रॉयलिटी को हड़पना चाहते हैं। आमिर ने यह बात निर्माताओं और लेखकों के बीच हुई बैठक के दौरान कही थी। इसके जबाव में गीतकार जावेद अख्तर ने कहाकि 'पापा कहते हैं' शीर्षक वाला गीत उस समय भी हिट हुआ था जब आमिर बड़े स्टार नहीं बने थे। उल्लेखनीय है कि 'कयामत से कयामत तक' फिल्म के इस गीत ने आमिर को बड़ी पहचान दी थी।
आमिर ने कहा कि वह इस तरह के आरोप सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, "समिति में शामिल करने को लेकर मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं। आज के हालात में जिस तरह के आरोप मुझ पर लग रहे हैं, उसे देखते हुए मेरे इस समिति में बने रहना ठीक नहीं होगा। मैं अपने सम्मान के लिए खुद को इस पद से अलग करता हूं।"
केंद्र सरकार द्वारा गठित इस समिति में आमिर के अलावा जावेद अख्तर, निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर, फिल्मकार महेश भट्ट, निर्माता-निर्देशक औऱ संगीतकार विशाल भारद्वाज, विशाल डडलानी, लेखक और गीतकार प्रसून जोशी, अंजुम राजाबली, मधु मंतेना और भूषण कुमार शामिल हैं।


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