पीके न्यूड पोस्टर विवाद- आमिर की क्रिएटिविटी लोगों के लिए अश्लीलता
आमिर खान की फिल्म पीके के पहले पोस्टर को लेकर विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि आमिर खान ने इस विवाद को मजाक में लेने और माहौल हल्का करने की पूरी कोशिश की लेकिन यूं लग रहा है कि आमिर खान को अब थोड़ा गंभीर होकर इस मसले पर विचार करने की जरुरत है। क्योंकि लोगों के लिए ये मजाक नहीं है बल्कि उन्होंने तो इस एक पोस्टर को लेकर आमिर की छवि को पूरी तरह से बिगाड़ने का फैसला कर लिया है।
कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आमिर खान को इस मामले से आजाद कर दिया और उनपर से अश्लीलता के आरोपों को हटा लिया लेकिन अब मुंबई की एक दीवानी अदालत में सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत पाटिल ने दोबारा आमिर खान पर अश्लीलता का आरोप लगाया है और साथ ही 25 अगस्त तक उन्हें जवाब देने को कहा है। खबर के अनुसार पाटिल ने अदालत से दरख्वास्त की ही कि वो आमिर खान व पीके फिल्म के प्रमोशन पर रोक लगा दें, जब तक कि फिल्म से इन आपत्तिजनक दृष्यों को हटा नहीं दिया जाता।
आमिर खान को अब सोमवार तक अदालत में जाकर पाटिल द्वारा लगाए गये आरोपों का जवाब देना है। आमिर खान के वकील आर एन कचव इस संबंध में विचार विमर्श कर रहे हैं कि किस तरह से वो पाटिल के आरोपों को गलत सिद्ध कर सकें। वहीं दूसरी तरफ आमिर के फैंस इस बात से बेहद निराश हैं कि आमिर खान की क्रिएटिविटी को लोग अश्लीलता बता रहे हैं।
अभी तक तो सिर्फ न्यूड पोस्टर ही रिलीज हुआ है, किसी को नहीं पता कि आखिर ये पोस्टर किस संबंध में है और फिल्म में अगर आमिर ने ऐसा दृष्य शूट किया है तो उसके पीछे क्या वजह है। आमिर जो कि मिस्टर पर परफेक्शनिस्ट हैं वो अपनी फिल्म में परफेक्शन लाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, पीके का न्यूड पोस्टर आमिर की इसी आदत की एक झलक है। ऐसे में बिना ये जाने कि आमिर ने ये पोस्टर क्यों रिलीज किया है उनपर अश्लीलता का आरोप लगाना गलत है।


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