ज़िंदगी मिलेगी ना दोबारा ने पूरे किए 8 साल, फिल्म की असली कास्ट सुनकर आप भी चौंक जाएंगे
ज़ोया अख्तर की फिल्म ज़िंदगी मिलेगी ना दोबारा ने 8 साल पूरे कर लिए हैं। ये फिल्म युवाओं के दिल के बेहद करीब है और केवल दोस्ती ही नहीं बल्कि ज़िंदगी में कई और चीज़ों के मायने सिखा गई थी। फिल्म को फरहान अख्तर ने 2007 में लिखा था और उस वक्त ये फिल्म शाहरूख खान, विवेक ओबेरॉय और ऋतिक रोशन को ऑफर हुई थी।
उस वक्त, शाहरूख खान फिल्म में अर्जुन यानि कि ऋतिक रोशन का, ऋतिक रोशन - इमरान यानि कि फरहान अख्तर का और विवेक ओेबेरॉय कबीर यानि कि अभय देओल का किरदार निभा रहे थे। लेकिन फिल्म उस वक्त बन नहीं पाई। और बाद में ज़ोया अख्तर ने इसे 2011 में बनाया।
इस फिल्म का नाम पहले रॉक ऑन के गाने से हू ब हू उठाया गया था - ज़िंदगी मिलेगी ना दोबारा। बाद में फरहान अख्तर के पिता जावेद अख्तर ने बताया कि बोलने का सही तरीका है ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा जिसके बाद फिल्म का नाम वापस बदल दिया गया। फिल्म में फरहान का किरदार ज़ेहन में शायरी करते दिखता था।
ये सारी शायरी और कविताएं, खुद जावेद अख्तर ने लिखी है। ज़ोया अख्तर से लोग अकसर इस फिल्म के सीक्वल की डिमांड करते रहते हैं लेकिन फिलहाल ज़ोया का ऐसा कोई मूड नहीं है।


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