'वास्तविकता के नजदीक होते हैं मेरे विज्ञान-फंतासी किरदार'
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अपनी फिल्म 'आई एम नम्बर फोर' की अन्य फिल्मों से तुलना किए जाने से बेफिक्र हॉलीवुड निर्देशक डी.जे. कैरुसो कहते हैं कि उनके किरदारों की वास्तविकता से नजदीकी उनकी फिल्मों को अन्य विज्ञान-फंतासी फिल्मों से अलग करती है।
'हैरी पॉटर' श्रंखला और 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' जैसी फिल्मों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला लेकिन कैरुसो इससे जरा भी चिंतित नहीं हैं।
उन्होंने लास एंजेलिस से आईएएनएस से एक ई-मेल साक्षात्कार में कहा, "इनमें से ज्यादातर फिल्मों में चरित्रों पर तमाशा ज्यादा हावी रहा है। मेरी फिल्में पात्रों में वास्तविकता लाती हैं और उनमें यह बात विज्ञान-फंतासी से बढ़कर होती है।"
स्टीवन स्पीलबर्ग व माइकल बे के निर्माण में बनी 'आई एम नंबर फोर' नौ किशोर एलियन्स (दूसरे ग्रह के निवासी) की कहानी है। इनके पास अलग-अलग शक्तियां होती हैं और उन्हें पृथ्वी पर भेजा जाता है।
उन्होंने कहा, "'आई एम नम्बर फोर' की पटकथा बेहद रोचक है। वास्तविकता, एक्शन के साथ कहानी में प्रेम का स्पर्श होने से यह अनूठी बन गई है।"
उन्होंने स्वीकार किया कि स्पीलबर्ग के लिए फिल्म का निर्देशन करने का एक अतिरिक्त दबाव था। उन्होंने कहा, "इस सम्बंध में कोई शंका नहीं थी। मैं स्पीलबर्ग और माइकल बे के साथ फिल्म बनाने का अवसर पाकर बहुत खुश था लेकिन मेरे ऊपर कुछ दबाव था। जब फिल्म से स्पीलबर्ग और माइकल जैसे नाम जुड़े हों तो आपसे उम्मीदें बढ़ जाती हैं। वैसे निर्माताओं के बतौर उन दोनों का काफी सहयोग रहा और उनके ज्ञान से इसमें काफी मदद मिली।"
वैसे इस फिल्म का निर्देशन माइकल करने वाले थे लेकिन वह 'ट्रांसफॉर्मर 3' में व्यस्त थे और यह फिल्म कैरुसो को मिल गई।
'आई एम नंबर फोर' इसी नाम से लिखी गई किताब पर आधारित है। भारत में शुक्रवार को इसका प्रदर्शन हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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