वर्तमान फिल्म निर्माताओं में सोच और जूनून की कमी : करण
करण ने कहा, "फिल्म निर्माताओं के अंदर केवल जूनून की कमी है। मैं नहीं मानता कि हमारे पास वो सोच और जूनून मौजूद है जो पुराने फिल्म निर्माताओं के पास होती थी। मैं मानता हूं कि हम (वर्तमान फिल्म निर्माता) आज ज्यादा व्यावसायिक और व्यावहारिक हो गए हैं और फिल्म उद्योग की गतिशीलता की ओर अधिक ध्यान देते हैं।"
मुम्बई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान करण ने कहा कि हमारे पास लम्बे समय तक काम करने वाले लोग मौजूद नहीं हैं।
वर्ष 1950 के दशक के मशहूर अभिनेता और निर्माता गुरुदत्त साहब की गीतों और संवादों के संग्रह 'द डॉयलाग ऑफ प्यासा' के विमोचन के दौरान 38 वर्षीय फिल्म निर्माता करण ने मीडिया के साथ अपने अनुभव बांटे।
इस पुस्तक को मशहूर लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर द्वारा तैयार किया गया है जो हिन्दी, अंग्रेजी और ऊर्दू भाषाओं में उपलब्ध होगी। खुद को गुरुदत्त साहब का प्रशंसक बताते हुए करण ने कहा, "यह किताब गुरुदत्त साहब जैसे विलक्षण प्रतिभा के धनी कलाकार का सच्चा सम्मान है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications











