मेरे पिता को संतुष्ट कर पाना कठिन : शजाहन पद्मसी
शजाहन ने मुम्बई से फोन पर आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मेरे पिता मेरे सबसे बड़े आलोचक हैं। उन्हें आकर्षित कर पाना बेहद कठिन है। वह अपने काम को लेकर बेहद गम्भीर इंसान हैं और ऐसा ही वह दूसरों से भी अपेक्षा रखते हैं।"
इसके बावजूद शजाहन का मानना है कि उनके पिता की आलोचना सकारात्मक होती है और इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही वह अपने पिता की आलोचनाओं से काफी कुछ सीखने का प्रयास करेंगी।
रंगमंच शजाहन के खून में रचा-बसा है और वह इसमें काम करके भरपूर लुत्फ उठाती हैं लेकिन इसके बावजूद बॉलीवुड उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।
शजाहन ने कहा, "मेरा ध्यान बॉलीवुड पर है। मुझे रंगमंच भी पसंद है लेकिन इसके लिए मेरे पास कोई समय नहीं है। मुझे नाटकों में काम करना पसंद है लेकिन एक नाटक को तैयार करने में काफी वक्त जाया होता है। यह काम शौक के तौर पर किया जा सकता है लेकिन फिल्में मेरे लिए सर्वोपरि हैं। इसके अलावा अगर मुझे समय मिला तो मैं रंगमंच पर अभिनय जरूर करना चाहूंगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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