भीमसेन जोशी मुझे 'भारत रत्न' पुकारते थे : लता
मुम्बई, 26 जनवरी (आईएएनएस)। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने प्रसिद्ध व दिवगंत शास्त्रीय गायक भीमसेन जोशी को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2001 में 'भारत रत्न' का सम्मान मिलने के बाद वह उन्हें भारत रत्न कहकर पुकारते थे।
देहावसान के बाद भीमसेन को याद करते हुए लता ने कहा, "मुझे देश का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने के बाद भीमसेनजी ने कभी लता कहकर नहीं बुलाया। वह मुझे 'भारत रत्न' कहकर पुकारते थे। जब मैं उनसे मिलने गई थी तो, उन्होंने 'भारत रत्न आले' कहा था। साथ ही मेरे खाने के लिए कुछ बढ़िया लाने को कहा था।"
उल्लेखनीय है कि भीमसेन को वर्ष 2008 में देश का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत रत्न प्रदान किया गया था। बढ़ती उम्र सम्बंधित बीमारियों के कारण उनका पुणे के सहयाद्री अस्पताल में निधन हो गया था। वह 88 वर्ष के थे।
लता ने अपने अनुभव बतौर पेशेवर नहीं बल्कि भीमसेन से व्यक्तिगत जुड़ाव के लिहाज से साझा किए।
उन्होंने कहा, "भीमसेन जी के साथ शास्त्रीय संगीत का एक युग समाप्त हो गया। मैं भीमसेनजी को तब से जानती थी जब वे लोकप्रिय नहीं हुए थे।"
भीमसेन को याद करते हुए लता ने उनसे पहली मुलाकात के बारे में बताया, "साउंड रिकार्डिस्ट मीनू कत्रक ने अन्य युवा शास्त्रीय गायक की तरह भीमसेनजी को मुझे मिलवाया था। मीनू ने कहा था कि यह लड़का बहुत अच्छा गाता है। तुम उसके लिए कुछ करो। सौभाग्य से शंकर-जयकिशन ने एक फिल्म 'बसंत बहार' में गाने के लिए उन्हें बुलाया और मुझे भी उनका गीत सुनने को आमंत्रित किया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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