एहसास ए कश्मीर: बिना डर के जुबीन करेंगे कश्मीर में प्रोग्राम
एक बार फिर से कश्मीर की वादियों में किसी संगीतकार को लेकर बवाल मचा है, संगीत के जरिये मुहबब्त की खुशबू फैलाने की कोशिश करने वाले महान संगीतकार जुबीन मेहता को कश्मीर के दर्द का पूरी तरह से एहसास है, इसलिए ही वह अपना कार्यक्रम 'एहसास-ए-कश्मीर' को लेकर शनिवार शाम को कश्मीर के लोगों के सामने पेश होंगे।

अपने 90 मिनट के लाइव प्रोग्राम से जुबीन केवल यह बताने की कोशिश करेंगे कि संगीत और मुहब्बत के बिना जिंदगी अधूरी है। जुबीन ने कहा कि अगर मेरे बवारियन स्टेट आर्केस्ट्रा के जरिये कश्मीर में शांति और खुशनुमा माहौल पैदा हो सकता है तो अपनी पुरजोर दमसे वह यह करने की कोशिश करेंगे।
जुबीन ने कहा कि अपने इस प्रोग्राम के लिए मैंने कश्मीर को नहीं चुना बल्कि कश्मीर ने मुझे चुना है। मेरे पास केवल अपना संगीत है जो केवल कानों में मिश्री घोलता है इसके अलावा मुझे और कुछ नहीं पता और ना ही मैं जानता हूं। संगीत ही मेरी जिंदगी है और मैं सिर्फ संगीत की ही भाषा बोलता हूं।
गौरतलब है कि जुबीन मेहता के कार्यक्रम को लेकर अलगाववादी नेता काफी विरोध कर रहे हैं। अलगाववादी और कट्टरपंथियों ने जुबीन के संगीत की कड़ी आलोचना की है और इसे कश्मीर और कश्मीरियों के खिलाफ बताया है जबकि सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर कभी भी संगीत औऱ कलाकार के खिलाफ नहीं है। जुबीन का शो जरूर होगा।
104 देशों में सीधे प्रसारित किए जाने वाले इस संगीत कार्यक्रम के मद्देनजर घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जुबीन अपनी पत्नी औऱ 84 आर्केस्टा कलाकारों संग कश्मीर पहुंच चुके हैं।
अलगाववादी नेताओं के विरोध के बीच जुबिन शनिवार को कश्मीर में 90 मिनट का कार्यक्रम 'एहसास-ए-कश्मीर' पेश करेंगे। मालूम हो कि जुबीन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टैगोर अवार्ड फॉर कल्चरल हार्मनी पुरस्कार लेने के लिए आए थे जो उन्हें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक खास कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया। कश्मीर कार्यक्रम का आयोजन श्रीनगर में नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास कर रहा है।


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