फिल्मों में संगीत देना चाहते हैं उस्ताद अमजद अली खान

मल्लिकार्जुन भीमरायप्पा मंसूर पुरस्कार 2011 लेने धारवाड़ आए उस्ताद खान ने कहा, मैं फिल्मों या ऐसी ही दूसरी चीजों के खिलाफ नहीं हूं, और अगर मेरी दृष्टि और रचनात्मकता के हिसाब का कुछ हो तो मैं फिल्म में संगीत देना चाहता हूं।
कर्नाटक सरकार की ओर से दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत एक लाख रुपए की राशि और स्मृति चिह्न दिया जाता है। उस्ताद खान ने कहा कि कई युवा फिल्मकार अपनी फिल्मों में संगीत देने के लिए उनके पास आ चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नए गानों में मधुरता का अभाव है। उन्होंने कहा, आज के गानों में मधुरता का अभाव है और आइटम नंबर पर सबका जोर होता है। पुराने गाने आज भी नई पीढ़ी को पसंद आते हैं क्योंकि वे मधुर होते हैं।


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