#Facts- चाहे हो भारत या पाकिस्तान..ये हैं शरहद और देश से ऊपर..MAGIC
स्वर कोकिला, सुर साम्राज्ञी, लता दीदी सहित कितने ही नामों से इन्हें बुलाया जाता है। नाम लेते ही बस मन में इज्जत और उनके गाए गाने गुंज उठते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं लता मंगेशकर की। लता मंगेशकर को सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इज्जत मिली जिसकी वो हकदार थीं।
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लता मंगेशकर आज अपना 97वां जन्मदिन मना रही हैं और हर कोई लता मंगेशकर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहा है। लता मंगेशकर एक ऐसी हस्ती हैं जिन्होंने ऐसी इज्जत मिलती है जो शायद ही कभी किसी सुपरस्टार को भी मिली हो।उनके जन्मदिन के मौके पर हम उनसे जुड़ी कुछ मजेदार बातें और तस्वीरें लेकर आए हैं जिसे आपने भी नहीं देखी होंगी।

लता मंगेशकर को फोटोग्राफी का बेहद शौक है। उनकी ली हुई तस्वीरें कई बार विदेशों में भी प्रर्दशनी में लगी चुकी हैं।पाकिस्तान और भारत के बीच कितने भी कड़वे रिश्ते हों लेकिन लता मंगेशकर ऐसी भारतीय हैं जिन्हें पाकिस्तान में भी उतनी ही इज्जत मिली और उनका गाया गाना ऐ मालिक तेरे बन्दे हम पाकिस्तान के कई स्कूलों मे ंप्रार्थना गीत के रूप में गाया जाता है।
गाने को ही पूजा मानने वाली लता मंगेशकर कभी भी रिकॉर्डिंग रूम में चप्पल पहनकर नहीं जानती और साड़ियां भी सिर्फ सफेद रंग की ही पहनती हैं।
गाने के अलावा लता मंगेशकर को क्रिकेट देखना बहुत पसंद है।क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्डस् क्रिकेट स्टेडियम में उनके लिए गैलरी रिर्जव रखी जाती है ताकि वो अपना पसंदीदा खेल देख सकें।
शायद आपको पता ना हो लेकिन लता मंगेशकर सचिन तेंदुलकर को अपना बेटा मानती हैं। सचिन भी उनके बेहद करीब हैं। जब भी मौका मिलता वो अपनी पत्नी अंजली के साथ जाकर उनसे मिलते हैं।
लता मंगेशकर सिर्फ हिन्दी नहीं बल्कि अंग्रेजी, असमिया, बांग्ला, ब्रजभाषा, डोगरी, भोजपुरी, कोंकणी, कन्नड़, मगधी, मैथिली, मणिपुरी, मलयालम, हिंदी, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू, मराठी, नेपाली, उडिया, पंजाबी,संस्कृत, सिंहली आदि भाषाओं में गाने गाए हैं।
बतौर अभिनेत्री लता ने कई हिन्दी व मराठी फिल्मों में काम मिया है। हिन्दी में वे बड़ी माँ, जीवन यात्रा, सुभद्रा, छत्रपति शिवाजी जैसी फिल्मों में आ चुकी हैं।
आपको आश्चर्य होगा लेकिन लता मंगेशकर अब तक 30000 गाने गा चुकी हैं।
1999 में लता मंगेशकर को राज्यसभा का सदस्य बनाया गया लेकिन खराब तबियत की वजह से वो संसद नहीं आ पाती थीं और सबसे मजेदार बात ये है कि इस दौरान उन्होंने सैलेरी के रूप में एक रूपए भी नहीं लिए और ना दिल्ली में सांसदों को मिलने वाला बंग्ला लीं।
1962 में एक समय ऐसा भी आया था जब लता मंगेशकर को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी और ऐसा उनके नौकर ने किया था। इसके बाद उन्हें ठीक होने में तीन महीने से भी ज्यादा का समय लगा।
लता मंगेशकर सोनू निगम को भी बिल्कुल अपने बेटे की तरह की मानती हैं। अनुपम खेर के शो मे सोनू निगम ने बताया था कि उनकी और लता मंगेशकर की व्हाट्सअप पर बातें होती रहती हैं। कई बार वो सुबह उठते हैं और उनके मैसेज आए रहते हैं।


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