रफी-मदन मोहन के दो नए गीत जारी

ये दोनों गीत रफी और मदन मोहन के जीवनकाल में बने थे लेकिन जिन फिल्मों के लिए इन्हें बनाया गया था उनका निर्माण पूरा न हो पाने की वजह से अब तक ये अनसुने ही थे।
पहला गीत 'या इलाही, एक हसीना ने मचाई है तबाही' 60 के दशक के अंतिम वर्षो में रिकॉर्ड किया गया था। रफी ने अपने शरारती अंदाज में इस गीत को गाया है।
एक अन्य गीत है 'हर सपना एक दिन टूटे इस दुनिया में'। दार्शनिक अंदाज में लिखा यह गीत 70 के दशक के शुरुआती वर्षो में रिकॉर्ड किया गया था। ये दोनों ही गीत वेबसाइट 'मदनमोहन डॉट इन' पर उपलब्ध हैं।
रफी और मदन मोहन ने कई यादगार गीतों के लिए एक साथ काम किया। इनमें 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों', 'ये दुनिया ये महफिल', 'तुम जो मिल गए हो', 'मेरी आवाज सुनो', 'तेरी आंखों के सिवा' और 'कभी ना कभी' जैसे गीत शामिल हैं।
शनिवार को रफी की 30वीं पुण्यतिथि है जबकि 14 जुलाई को मदन मोहन की 35वीं पुण्यतिथि थी।


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