दो नावों में सवार नहीं होंगे प्रवेशलाल
हाल ही में टी सीरीज द्वारा जारी भोजपुरी गीत संगीत के नए कैसेट 'एगो चुम्मा दे देब जान" ने श्रोताओं के दिल जीत लिए हैं. इस नए कैसेट की सफलता और लोकप्रियता का प्रमुख कारण नए गायक प्रवेशलाल यादव की मधुर, दिलकश और दिल के तारों को झंकृत कर देने वाली आवाज़ है. “स्वतंत्र रुप से यह मेरा पहला अलबम है जिसमें मैंने नौ गीत गाए हैं. एक गीत बडे भैया दिनेशलाल यादव 'निरहुआ" ने गाया है.
मेरे द्वारा सभी नौ गीत अलग अलग अंदाज़ और शैली के हैं. इस अलबम के गीत लिखे हैं प्यारेलाल यादव जी ने तथा संगीत दिया है अजय प्रसन्ना ने. अपने नौ गीतों में चार गीत मैंने गायिका खुशबू जैन के साथ युगल गाए हैं.“ प्रवेशलाल यादव आगे बताते हुए अपना परिचय देते हैं, “मेरा जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ है जहां संगीत एक विरासत है और पीढी दर पीढी चला आ रहा है. स्व. पिता श्री कुमार यादव बिहार के एक लोकप्रिय बिरहा गायक थे. भाई श्री विजयलाल यादव ने इस परम्परा को और आगे बढाया तो भैया दिनेशलाल यादव 'निरहुआ" जी और मैं भी उनके साथ लोकसंगीत - संगीत की इस धारा से जुड गए.“
प्रवेशलाल यादव छोटी उम्र से ही पिता और भाइयों के साथ संगीत की इस यात्रा में शामिल हो गए थे किंतु पहली बार गाने का अवसर उन्हें दस साल की उम्र में मिला. “स्टेज पर एक ओर पिता जी थे और दूसरी तरफ भैया, ऐसे महान गायकों के सामनें उस छोटी सी उम्र में गाना कोई आसान काम नहीं था. मैं जब गाने के लिए तैयार हुआ तो दिल में धड धड की आवाज़ आ रही थी और घबराहट में पूरा शरीर कांप रहा था. किसी प्रकार हिम्मत करके मैंने गाना शुरू किया तो तालियां बजनएं लगी. आत्मविश्वास उन तालियों के साथ बढता गया, गाना पूरा होने तक सारा डर और घबराहट दूर हो चुका था और मेरा मन एक अलौकिक आनन्द से भर चुका था.
“प्रवेशलाल यादव की यह पहली परीक्षा कलकत्ता में हुई थी, जहां उन्होंने एक लोकगीत 'कहीं तू दुर्गा कहीं तू काली है मां" गाया था. इस प्रोग्राम में पहली बार चौदह रुपए उन्हें बतौर ईनाम में मिले थे जो गायक ने अपने घर पहुंचते ही अपनी माताश्री के चरणों में समर्पित कर दिए थे. प्रवेशलाल आगे बताते हैं “तब से अब तक मैं सौ प्रोग्राम कर चुका हूं. इनमें से कई यादगार प्रोग्राम है जो मैं आजीवन नहीं भूल पाउंगा. ऐसा ही एक यादगार प्रोग्राम पिछले साल भैया दिनेशलाल जी के साथ ऑस्ट्रेलिया के विदेशी दौरे में किया था.
“भोजपुरी संगीत के आकाश में चमकने जा रहे इस नए सितारे के लिए यादगार पल वह भी था जब उसने एक अलबम के लिए अपना पहला गीत रिकॉर्ड कराया. “1998 में अलबम 'झुनझुनवा के भौजी" के लिए मैंने पहला गीत गाया था. इस अलबम को चंदा कैसेट कंपनी ने निकाला था और मेरा इसमें एक ही गीत था. इस गीत के बोल थे 'हमको दुल्हा चाही एकदम अपडॆट बाबूजी". इस अलबम के बाद होली के अवसर पर हमारा दूसरा कैसेट 'मज़ा देई निरहुआ" टी सीरीज़ ने निकाला. यह अलबम भैया 'निरहुआ" का था और मुझे इसमें भी एक गीत गाने का अवसर दिया गया था. आज भी होली के अवसर पर इसकी मांग होती है.
“बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बी.ए. की डिग्री हासिल करने वाले युवक प्रवेशलाल यादव का व्यक्तित्व काफी आकर्षक है. यही वजह है एक सौ पिचहत्तर सेंटी मीटर ऊंचे कद वाले गोरे रंग के प्रवेशलाल को भोजपुरी फिल्मों से भी अभिनय के लिए काफी प्रस्ताव आ रहे हैं. इस बारे में वह कहते हैं “जी हां यह सच है कि अभिनय के लिए मुझे काफी ऑफर आ रहे हैं मगर मैं पूरी तैयारी के साथ कैमरे के सामनें आना चाहता हूं. भैया की भी यही सलाह है इसलिए इन दिनों मैं बैरी जॉन के एक्टिंग स्कूल में एक्टिंग की ट्रेंनिंग ले रहा हूं.
एक्टिंग के साथ साथ घुडसवारी, तैराकी, फाइट और अन्य सभी कलाएं सीख रहा हूं.“अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या को अपना मनपसंद कलाकार मानने वाले प्रवेशलाल यादव का संकल्प है कि अभिनेता के रुप में वे अपना करियर भोजपुरी फिल्मों से ही आरंभ करेंगे. “मैं एक साथ दो नावों पर सवारी नहीं करना चाहता. मेरा पहला प्यार संगीत है और मैं पहले गायक के रुप में सफल होना चाहता हूं. इन दिनों मैं गुरु मलय बैनर्जी से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा भी ले रहा हूं और हर दो घंटे गायन का नियमित अभ्यास करता हूं. गज़लों का मुझे विशेष शौक है और जगजीत सिंह मेरे प्रिय गायक हैं.
आजकल मैं एक नया प्रयोग करने जा रहा हूं. भोजपुरी में मैं कव्वाली का कैसेट तैयार करने में व्यस्त हूं. भोजपुरी भाषा का यह पहला कव्वाली कैसेट टी सीरीज कंपनी बाज़ार में ला रही है. इस कैसेट का टाइटल है 'दिल उडा ले गई दिलरुबा". भोजपुरी स्टार दिनेशलाल यादव के छोटे भाई बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में ढलने के लिए एक साथ कई कामों में जुटे हुए हैं. अनगिनत ललित कलाओं के साथ घरेलू कंपनी 'निरहुआ एंटरटेमेंट" के काम काज की ज़िम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.
अपनी योजनाएं बताते हुए प्रवेशलाल ने कहा “इस समय हमारी कंपनी हिंदी का एक धारावाहिक 'मि. निरहुआ" और भोजपुरी फिल्म 'चलनी के चालल दुल्हा" के निर्माण में व्यस्त है. भविष्य में कंपनी भोजपुरी के साथ हिंदी फिल्मों का निर्माण भी करेगी".


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