"भोजपुरी गीतों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलानी है"
भोजपुरी फिल्मों की चर्चा हो और कल्पना चावला का जिक्र न हो, यह भला कैसे हो सकता है. पापुलैरिटी के साथ-साथ कल्पना ने सिर्फ पांच सालों में 2000 से अधिक गीत गाकर एक नया रिकार्ड भी तैयार किया है. खास बात यह है कि कल्पना चावला ने भोजपुरी के अलावा देश की 18 और भाषाओं में गीत गाया है.
कल्पना के कॅरियर की शुरुआत हुई एक रीमिक्स अलबम 'माय हर्ट इज बीटिंग' से. असम के जाने-माने लोक गायक बिपीन पटोवारी की बेटी कल्पना का संबंध संगीत के घराने से रहा है. बचपन से ही कल्पना की दिलचस्पी संगीत में पैदा हो गई. कल्पना ने स्कूल के आयोजन में गीत गाने भी शुरु कर दिए. वहां से प्रशंसा मिली तो हौसला बढ़ा और बड़े होने तक उसने तय कर लिया कि संगीत को ही अपने जीवन का मकसद बनाना है.
हिन्दी फिल्मों में प्लेबैक सिंगर बनने का सपना लेकर सपना ने मुंबई में कदम रखा मगर इसे संयोग कहेंगे कि उसे कुछ भोजपुरी की फिल्मों में गाने का ब्रेक मिला और वे गीत इस कदर हिट हुए कि कल्पना को पीछे मुड़कर देखने का मौका ही नहीं मिला. मगर बिन मांगे मिली इस ख्याति से शायद कल्पना संतुष्ट नहीं है. उसका इरादा मुख्यधारा की हिन्दी फिल्मों में अपना कॅरियर बनाने का है.
कल्पना ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में कहा था कि उनका इरादा भोजपुरी को उसी अंतर्राष्ट्रीय ऊंचाइयों तक ले जाने का है, जैसे पंजाबी और राजस्थानी गायकों ने अपने यहां के लोक गीतों को पहुंचाया है. खास बात यह है कि कल्पना ने पापुलर गाने भले गाए हों, उसके गीतों का आधार शास्त्रीय है. कल्पना अपनी गायकी की इस खूबी का श्रेय उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को देती हैं. आने वाली कई फिल्मों में कल्पना के गीत सुनने को मिलेंगे, कल्पना को उम्मीद है कि जल्दी ही उन्हें हिन्दी गीतों में भी ज्यादा बेहतर ढंग से पहचाना जाएगा.


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