'जोधा-अकबर' का म्यूजिक शानदार
जिसका सभी को था इंतज़ार वो घड़ी आ गई. आशुतोष गोवारिकर की फ़िल्म 'जोधा अकबर' का संगीत मार्केट में आ गया है. जितनी उम्मीद की जा रही थी उस से भी ज़्यादा इसे लोकप्रियता हासिल हुई है.
जैसे जी 'अजीमो-शान-शहंशाह' गीत शुरू होता तभी ऐसा महसूस हो जाता है कि हम मुग़ल काल में पहुँच गए हैं. वही नगाडों की आवाज़ वो भी किसी चुभन के बिना.
इसके ठीक विपरीत 'जश्ने-बहारा' गीत दिल को बहुत ही सुकून देने वाला है. 'ख्वाजा-मेरे-ख्वाजा' बहुत बेहतरीन कव्वाली है.
इसके अलावा 'इन लम्हों के दमन में', और मनमोहना गीत भी बेमिसाल हैं. ऐ.आर. रहमान ने एक बार फ़िर ये बात साबित कर दी की जब वो संगीत देंगे, बेजोड़ देंगे.


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