मेहदी हसन की हालत में सुधार, अभी भी आईसीयू में

डाक्टर्स का कहना है कि अब दवाओं का असर गजल गायक पर दिखने लगा है। उन्हें वेंटीलेटर से हटा दिया गया है लेकिन अभी भी वो आई सी यू में ही हैं। इनका जन्म भारत के ही राजस्थान में एक संगीत घराने में हुआ। संगीत से इनका लगाव परिवार के कारण ही पैदा हुआ।
पत्ता पत्ता बूटा बूटा, अब के हम बिछड़े, ये धुंआ, जैसी गजलों को अपनी अवाज देने वाले मेहदी आज अपनी बिमारी के कारण आवाज खो चुके हैं। इनके बेटे आरिफ का कहना है कि मेरे पिता अपने इलाज के लिए भारत आना चाहते थे लेकिन डाक्टर्स ने उन्हें ट्रैवल करने से मना कर दिया।
आज उनके इलाज के लिए राजस्थान सरकार ने मदद की पेशकश की है खबर तो यह भी है कि उन्हें भारत लाए जाने का इंतजाम भी भारत सरकार ही करने जा रही है। इसी बीच उनके मरने की अफवाह भी उड़ाई गई थी लेकिन वह सब केवल कोरी अफवाह ही थी।


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