लताजी मेरे लिए सरस्वती हैं : रेखा भारद्वाज

रेखा ने कहा, "लताजी मेरी सरस्वती हैं। मैं खुद को भाग्यशाली समझती हूं कि मैंने उन्हें रिकार्डिग करते देखा है। वह सबसे अलग हैं। कोई भी उनकी तरह नहीं बन सकता। उनके स्तर तक हम कभी भी नहीं पहुंच सकते।"
रेखा ने कहा, "जब भी मुझे गायन के क्षेत्र में कुछ सीखना होता है तो मैं लताजी के गीतों को सुनती हूं और इस बात पर ध्यान देती हूं कि वह गीत को आवाज देते वक्त कैसे सांस लेती हैं।"
उल्लेखनीय है कि रेखा को बॉलीवुड में सूफी, लोकगीत और शास्त्रीय संगीत के लिए पहचाना जाता है। वह वर्ष 2004 में 'इश्का-इश्का' एलबम से सुर्खियों में आई थी। इसके बाद उन्होंने अपने पति और निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म 'ओंकारा' के लिए गीत को आवाज दी।
फिल्म 'ओंकारा' में उनके द्वारा गाए गीत 'नमक इश्क का.' को लोगों ने खूब पसंद किया।


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