आशा के हाथों लता ने पाया लाइफटाइम एचीवमेंट एवॉर्ड

आशा ने कहा, "मैंने समारोह की शुरुआत में प्रस्तुति दी लेकिन तब तक दीदी नहीं आ सकी थीं। उन्होंने मेरे गीत कभी नहीं सुने हैं। मैं इस बात से परेशान हूं।" लता ने भी हंसते हुए कहा, "मेरी बहन आशा ने मुझे यह पुरस्कार दिया है। वह मुझसे चार साल छोटी है। उसने हमेशा मुझसे झगड़ा किया है और मेरे लिए परेशानियां खड़ी की हैं लेकिन मैंने उसे हमेशा माफ किया है।" लता ने उन्हें मिले पुरस्कार के प्रति खुशी जाहिर की।
आशा ने यहां समारोह में कहा, "वह बहुत महान हैं इसलिए हमेशा ही उनके आगे शब्द छोटे पड़ जाते हैं। मुझे उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करने की खुशी है।" इस अवसर पर रहमान ने कहा, "यदि आज मेरे पिता जीवित होते तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस होता। मेरी मां मुझसे कहती थीं कि मेरे पिता के पास लताजी की सफेद साड़ी में एक तस्वीर थी।"
उन्होंने बताया, "वह सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले यह तस्वीर देखते थे और फिर गीत बनाते थे। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करने का अवसर मिला।" आशा और लता दोनों ही अपनी अलग-अलग गायन शैली के लिए मशहूर हैं। समारोह की शुरुआत में आशा ने गायन प्रस्तुति दी लेकिन उन्हें इस बात का दुख था कि लता यह प्रस्तुति नहीं देख पाईं।


Click it and Unblock the Notifications











