लता में थे संगीतकार बनने के गुण!

उन पर आई एक किताब '' लता मंगेशकर, इन हर ओन वाइस'' से पता चला है कि उन्होंने मराठी फिल्म 'सधी मानस' में आनन्दघन नाम से संगीत दिया था जिसे महाराष्ट्र सरकार से श्रेष्ठ संगीत का पुरस्कार भी मिला था।
लता अपने संगीतकार की पहचान को छुपा कर रखना चाहती थी लेकिन जब इस पुरस्कार समारोह में फिल्म को आठ पुरस्कार मिले जिसमें श्रेष्ठ गायन और श्रेष्ठ संगीत भी शामिल था। लता श्रेष्ठ गायन का पुरस्कार लेने मंच पर गई लेकिन श्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार लेने नही गई। लेकिन इस फिल्म के निर्देशक ने उनका नाम जगजाहिर कर दिया और उन्हें हारकर श्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार लेना पड़ा।
लंदन निवासी फिल्मकार नसरीन मुन्नी कबीर ने लता की जीवनी लिखी है।


Click it and Unblock the Notifications