ग्रैमी विजेता कितारो का दिल्ली में कार्यक्रम

दिल्ली के अशोका होटल में कार्यक्रम पेश करने जा रहे कितारों ने बताया, '' मैं काफी लम्बे समय से भारत में कार्यक्रम पेश करने का इंतजार कर रहा हूं।''
कितारो के संगीत का सफर लगभग तीस वर्ष पहले शुरू हुआ था। उन्हें वर्ष 2000 में एलबम थिंकिग ऑफ यु के लिए ग्रैमी और ओलिवर स्टोन की फिल्म हैवन एण्ड अर्थ में संगीत देने के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार मिल चुका है। लेकिन 56 वर्षीय कितारों को पुरस्कारों से कुछ खास मोह नही दिखता है तभी तो वे कहते है कि पुरस्कार बोनस होते है लेकिन किसी भी संगीतकार के लिए प्रेरणा स्त्रोत नही होते है।
गौरतलब हो कि कितारों ने कहीं से संगीत नही सीखा है लेकिन उन्हें तकरीबन 70 वाद्ययंत्र बजाने का अनुभव प्राप्त है। वाद्ययंत्र की आवाज को देखते हुए कोई भी वाद्य यंत्र बजा लेते है।
यही नही कितारों ने खुद एक वाद्य यंत्र बनाया है जिसे बीम नाम दिया है। यह 14 फीट लम्बा वाद्य यंत्र एल्यूमिनियम और पियानों के तारों के सम्मिश्रण से बना है।
जब उनसे भारतीय संगीत के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्होंने अपने दोस्त तबला वादक जाकिर हुसैन से भारतीय संगीत के बारे में जाना है।


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