शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी अमोनकर का निधन
मशहूर शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी अमोनकर का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार से संम्मानित किया जा चुका है।
प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी अमोनकर का 84 साल की उम्र में सोमवार देर रात निधन हो गया। वो जयपुर घराने से ताल्लुक रखती थीं और उन्होंने संगीत की दीक्षा अपनी माताजी से ली थी।
देश विदेश में उनके गायन का असर दिखता था और उनकी आवाज़ में बाबुल मोरा नैहर छूटो ही जाए, राग भैरवी में सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

किशोरी जी को भारत सरकार ने पद्म भूषण, पद्म विभूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार और साहित्य अकादमी की फेलोशिप से सम्मानित किया था। अपने पीछे वो अपने शिष्यों के लिए अपने संगीत की धरोहर छोड़ कर गई हैं।
एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने संगीत सीखने के दिनों को याद करते हुए बताया कि मैं अपनी मां से गाना सीखती थीं और वो केवल दो बार स्थाई और अंतरा गाती थीं। तीसरी बार कभी उनके मुंह से वही चीज़ नहीं सुनाई देगी। मुझे दो ही बार में सीखना होता था।
मुंबई स्थित उनके निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने शास्त्रीय विधा में ख्याल और लाइट क्लासिकल म्यूजिक के ठुमरी व भजन गायकी में देश- विदेश में बहुत प्रस्तुतियां दीं।


Click it and Unblock the Notifications