गायिका गंगूबाई हंगल का निधन

हंगल ने हुबली के अस्पताल में सोमवार सुबह 7.10 बजे अंतिम सांस ली। वह उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों से ग्रस्त थीं।
हंगल शास्त्रीय संगीत के मशहूर 'किराना घराना' से ताल्लुक रखती थीं। उन्हें वर्ष 1971 में पद्मभूषण और वर्ष 2002 में पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया था।
असाधारण क्षति
हंगल के निधन को भारतीय संगीत और गायकी के क्षेत्र के लिए असाधारण क्षति माना जा रहा है। उन्होंने 50 साल से अधिक समय तक संगीत की सेवा की और इस दौरान भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई उँचाई तक पहुँचाया।
वर्ष 1913 में कर्नाटक के एक गाँव हंगल में जन्मी गंगूबाई को उनकी माँ ने सुर की शुरूआती शिक्षा दी थी। बाद में उन्होंने संगीत की शिक्षा 'किराना घराने' के गुरू स्वाई गांधर्व से ली।
गंगूबाई ने अपने फ़न के प्रदर्शन की शुरुआत किशोरावस्था में मुंबई में स्थानीय समारोहों और गणेश उत्सवों में गायकी से की थी। उनकी आवाज़ को बेहद सुरीला और मनमोहक माना जाता है।
शास्त्रीय संगीत को बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मान और पुरस्कार मिले जिनमें पद्म भूषण, तानसेन पुरस्कार, संगीत नाटक पुरस्कार प्रमुख हैं।


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