'भारतरत्न' लता मंगेशकर को जन्मदिन मुबारक

किसी भी छाया में इतनी शक्ति नहीं है कि वो लता जी तक पहुँच भी सके। पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सबसे बड़ी पुत्री लता मंगेशकर को संगीत तो विरासत में मिला लेकिन जीवन बेहद ही संघर्षपूर्ण रहा । लेकिन सुरों की इस देवी ने कभी भी हारना नहीं सीखा और हर मुसीबत का डटकर सामना किया। जिसका नतीजा ये हुआ कि लता मंगेशकर आज सुर साम्राज्ञी बन गयीं।
लता जी ने केवल हिंदी में ही नहीं बल्कि तीस से ज्यादा भाषाओ में गाना गाये हैं। अमेरिका की मशहूर पत्रिका टाइम ने भी लता मंगेशकर को म्यूजिक लीजैंड करार दिया है। यानी की लता जी के सुरों के फैन केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मौजूद है।
सफलता, सादगी और महानता की मूरत लता मंगेशकर के पास संगीत से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा अवार्ड होगा जो नहीं होगा। उन्हें साल 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हो चुकीं लता जी के पास जाकर आपको कभी भी महसूस नहीं होगा कि वो आप किसी महान हस्ती से मिल रहे हैं। उनकी मोहक और सादगी छवि आपको एहसास करायेगी कि आप वाकई में किसी आम आदमी से मिल रहे है, जो उनकी महानता का एक खास हिस्सा है।
क्रिकेट और टीवी सीरियल्स की मुरीद लता जी आज भी घंटो संगीत का रियाज करती हैं। सचिन तेंदुलकर को अपना बेटा मानने वाली लता जी आज भी संगीत के नयी विद्या सिखने के लिए तत्पर रहती हैं। शायद यही वजह है कि उम्र के इस पड़ाव पर जहां लोग रिटायरमेंट लेकर बिस्तर पकड़ लेते हैं, लता जी अपने सुरों से संगीत की नयी कहानी लिखने में जुटी हैं। सुरों की उपासक स्वरकोकिला को हमारी टीम और पूरे देशवासियों की ओर से जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई, हम यही कहते हैं कि लता जी तुम जियो हजारों साल....साल के दिन पचास हजार...
अगर आप भी लता जी को उनके जन्मदिन पर बधाई देना चाहते हैं तो हमारे जरिये आप उन्हें बधाई संदेश दे सकते हैं। आप अपनी शुभकामनाएं नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज करा सकते हैं। साथ ही आप ये भी लिख सकते हैं कि लता जी का गाया कौन सा गाना आपको काफी पसंद हैं।


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