Birthday Special: गुलज़ार के ये 10 गाने आपको कभी लोटपोट करेंगे, कभी फूट फूटकर रूला देंगे
मशहूर गीतकार गुलज़ार साहब आज अपना 85वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुलज़ार साहब उन चंद शायर और गीतकारों में से हैं जिनका लिखा एक एक शब्द मोती की तरह चमकता है। चाहे वो दिल से रे की तड़प हो या फिर बीड़ी जलई ले की आग। चाहे वो मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने की उम्मीद हो या फिर कजरा रे की शरारत।
गुलज़ार साहब के गीतों में हमेशा ही आपको उत्तर से दक्षिण तक की विविधता मिल जाएगी। और शायद यही कारण है कि वो आज की पीढ़ी से भी उसी तरह जुड़ पाते हैं। चाहे वो दिल तो बच्चा है जी हो या फिर कोई पुराना गीत। उनके गीतों को आज भी लोग दिल से लगाकर रखते हैं। पढ़िए उनकी लिखी कुछ बेहतरीन पंक्तियां -
गुलज़ार साहब का जन्म 18 अगस्त 1934 में पाकिस्तान में हुआ था। उनका नाम संपूर्ण सिंह कालरा था। उनका परिवार विभाजन के दौरान पाकिस्तान चला आया। उन्होंने अपना करियर, एस डी बर्मन के साथ बंदिनी नाम की फिल्म से शुरू किया था। उन्होंने आंधी और मौसम जैसी फिल्में भी डायरेक्ट की हैं।
2019 की तारीख में गिना जाए तो गुलज़ार साहब के पास कुल 36 अवार्ड्स हैं जिनमें 5 नेशनल अवार्ड्स, 21 फिल्मफेयर अवार्ड्स, 1 ऑस्कर, 1 ग्रैमी अवार्ड, 2002 का साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के अवार्ड शामिल हैं।


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